11,000 फीट से अधिक की ऊंचाई की रहस्यमयी नेलांग घाटी में एक बार फिर दुर्लभ स्नो लैपर्ड (हिम तेंदुआ) की मौजूदगी दर्ज की गई है। आईटीबीपी के गश्ती दल और पार्क में लगे कैमरा ट्रैप में यह लुप्तप्राय वन्यजीव विचरण करते देखा गया। सफेद बर्फ में घुल-मिल जाने वाला यह अद्भुत शिकारी, जिसे “हिम तेंदुआ” कहा जाता है, पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता का अहम प्रतीक है। नेलांग घाटी जैसे दुर्गम और संरक्षित क्षेत्रों में इसकी उपस्थिति उत्तराखंड की समृद्ध वन्य संपदा और संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाती है।
गंगोत्री नेशनल पार्क में टहलते हुए स्नो लेपर्ड, हिमालयन भूरा भालू और कई प्रकार के दुर्लभ जानवर कैमरे में कैद हुए हैं। वनधिकारियों के मुताबिक इन दुर्लभ जानवरों की यह तस्वीरें भारत में बेहतर जैव विविधता की ओर इशारा करती हैं।
गंगोत्री नेशनल पार्क के रेंजर प्रदीप बिष्ट ने बताया कि , “पिछले कुछ दिनों में गंगोत्री नेशनल पार्क में कई दुर्लभ जीवों को चहलकदमी करते हुए कैमरे में कैद किया गया है। इन सभी जानवरों की नेशनल पार्क में उपस्थिति यहां की बेहतर होती जैव विविधता को दर्शाता है।”
उन्होंने कहा, सभी जानवर हमारे वन कर्मियों द्वारा लगाए गए कैमरे में कैद हुए हैं। यह कैमरे स्नो लेपर्ड के आंकलन के लिए लगाए गए थे। जिनमें अन्य जानवरों की तस्वीरें भी आई हैं।