बलरामपुर : ग्राम पंचायतों में उल्लास मेला का हुआ आयोजन

Spread the love

बलरामपुर, 30 जनवरी ।उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के मार्गदर्शन में जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में नवसाक्षरों द्वारा उल्लास मेला का आयोजन किया गया। मेले में नवसाक्षरों एवं उल्लास साक्षरता केन्द्र के शिक्षार्थियों द्वारा साक्षरता शिक्षा को प्रेरित करने वाले स्टॉल लगाए गए। स्टॉल में साक्षरता शिक्षा को प्रेरित करने वाले विभिन्न विषयों को प्रदर्शित करने वाले सामग्री के माध्यम से ज्ञानवर्धक संदेश दिया गया।

जिला परियोजना अधिकारी जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण हीरालाल पटवा ने बताया कि उल्लास मेला कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कौशल पर केन्द्रित था। उल्लास मेला का मुख्य उद्देश्य नवसाक्षरों की रचनात्मकता को विकसित करना, नवसाक्षरों के आत्मविश्वास को बढ़ाना, स्वयं सीखने के लिए अवसर प्रदान करना, करके सीखने की अवधारणा की गहरी समझ विकसित करना, एक स्थान में बहुत सारी अवधारणाओं की समझ, भाषा के शब्दों में मात्राओं की बारीकियां सीखने का अवसर एवं गणित की छुटी हुई अवधारणाओं को पुनः सीखने का अवसर प्रदान करना था। कार्यक्रम में नवसाक्षरों द्वारा बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया गया।

नवसाक्षरों द्वारा जीवन कौशल अंतर्गत पर स्टॉल लगाए गए थे। मेला में साक्षरता शिक्षा को प्रेरित करने विभिन्न गतिविधियों का आयोजन के माध्यम से नवसाक्षरों का उत्साहवर्धन किया गया। मेले में क्षेत्रीय एवं ग्राम के जनप्रतिनिधि ग्रामवासी, स्कूली छात्र-छात्राएं, गणमान्य नागरिक सहित प्राचार्य, प्रधान पाठक उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुशंसा अनुरूप उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के वार्ड में 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों का चिन्हांकन कर उन्हें स्वयंसेवी शिक्षकों द्वारा पठान-पठान कराया गया। इसके उपरांत मूल्यांकन आकलन परीक्षा ली गई। परीक्षा में सफल शिक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान नोएडा नई दिल्ली द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है।

नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे व्यक्ति जो किन्हीं कारणों से पढऩे-लिखने से वंचित हुए, ऐसे लोगों के लिए उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम अंतर्गत साक्षरता के विभिन्न घटकों के माध्यम से उन्हें संख्यात्मक ज्ञान, जीवन कौशल एवं दैनिक उपयोग में काम आने वाली जानकारी से अवगत कराया जा रहा है। उल्लास मेला का उद्देश्य नवसाक्षरों की रचनात्मकता को विकसित करना, नवसाक्षरों के आत्मविश्वास को बढ़ाना और नवसाक्षरों को स्वयं सीखने के लिए अवसर प्रदान करना है। करके सीखने की अवधारणा एक स्थान में बहुत सारी अवधारणाओं की समझ भाषा के शब्दों में मात्राओं की बारीकियां सीखने का अवसर गणित के छूटे हुए अवधारणा को पुनरू सीखने का अवसर प्रदान करना, शिक्षार्थियों असाक्षरों को कक्षा में आने के लिए प्रेरित करना है।