काम के दबाब में पंचायत सचिव, सीएम को भेजा ज्ञापन

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ऊना, 27 जनवरी । पंचायत सचिव संघ जिला ऊना ने पंचायत सचिवों पर लगातार बढ़ते बहु.विभागीय कार्यभार को लेकर सरकार और पंचायती राज विभाग के समक्ष गंभीर चिंता जताई है। संघ ने इस संबंध में शुक्रवार को पंचायत सचिव प्रतिनिधि मंडल ने एडीसी ऊना महेंद्रपाल गुर्जर के माध्यम से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री, पंचायती राज मंत्री, निदेशक और सचिव पंचायती राज विभाग को प्रेषित किया है।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल सचिव विनोद कोहली, जुगल किशोर, शलिंद्र सिंह, सुनील कुमार, हुसन चंद ने कहा कि वर्तमान में एक पंचायत सचिव पर दो से तीन पंचायतों का अतिरिक्त दायित्व सौंपा जा रहा है। साथ ही खंड स्तर पर पंचायत निरीक्षक, उप.निरीक्षक, समाज शिक्षा व लेखापाल जैसे कार्यों का अतिरिक्त भार भी दिया जा रहा है, जिससे सचिवों पर मानसिक, शारीरिक और प्रशासनिक दबाव बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि पंचायत सचिव ग्राम पंचायत व्यवस्था की रीढ़ हैं और ग्रामीण विकास की अधिकांश योजनाओं का क्रियान्वयन इन्हीं के माध्यम से होता है। लेकिन सीमित संसाधनों, स्टाफ की कमी और बढ़ते दायित्वों के कारण कई प्रकार के विकास कार्य प्रभावित हो रहे है। पंचायत सचिवों को पंचायती राज विभाग के साथ-साथ ग्रामीण विकास, वित्त एवं लेखा, मनरेगा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, कृषि, पशुपालन, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, निर्वाचन कार्य, आपदा प्रबंधन, आरटीआई तथा निरंतर रिपोर्टिंग जैसे अनेक विभागीय कार्यों की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है।

संघ का कहना है कि जब एक सचिव को एक से अधिक पंचायतों का दायित्व दिया जाता है, तो पंचायत में नियमित उपस्थिति संभव नहीं हो पाती, ग्राम सभा व जनसमस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पाता और ऑनलाइन व फील्ड कार्यों के बीच संतुलन बिगड़ जाता है। इसका सीधा असर योजनाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर पड़ रहा है।

पंचायत सचिव संघ ने सरकार से मांग की है कि प्रत्येक पंचायत में स्थायी रूप से एक सचिव की तैनाती सुनिश्चित की जाए, एक सचिव-एक पंचायत का सिद्धांत लागू किया जाए। गैर.पंचायती विभागीय कार्यों को सीमित किया जाए, अतिरिक्त पंचायत प्रभार के लिए मानदेय अथवा प्रोत्साहन दिया जाए। पंचायत स्तर पर सहायक स्टाफ की व्यवस्था की जाए तथा पंचायत सचिवों के कार्यभार का पुन: युक्तिसंगत निर्धारण किया जाए।

इस अवसर पर शिव कुमार, ज्योति सैणी, सतनाम सिंह, स्नेहलता, संजीव कुमार, लखबीर सिंह लक्खी, राजिंद्र कुमार, नीतू कुमारी, अवतार सिंह सहित जिला की विभिन्न पंचायतों के सचिव मौजूद रहे।