मौलाना बरेलवी ने कहा कि अखिलेश यादव का यह कहना कि एसआईआर के जरिए मुसलमानों के वोट काटे जा रहे हैं, जो कि ये बात पूरी तरह गलत और भ्रामक है। परिपक्व और जिम्मेदार नेता हर मुद्दे को हिंदू-मुस्लिम चश्मे से नहीं देखते।
उन्होंने दावा किया कि देश के इतिहास में पहली बार मुसलमानों ने एसआईआर को लेकर जिम्मेदारी दिखाई है। देश के विभिन्न हिस्सों में मजदूरी करने वाले मुसलमानों ने परिवार से संपर्क कर फार्म भरवाए, बीएलओ से समन्वय किया और रिसीविंग कॉपी सुरक्षित रखी। खाड़ी देशों में काम कर रहे युवाओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
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