वाराणसी, 28 जनवरी । उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी (वाराणसी) को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में शीर्ष पर पहुंचाने के लिए नगर निगम ने ‘मॉडल वार्ड’ की परिकल्पना को मूर्त रूप देना शुरू कर दिया है। इस क्रम में शहर के छह चयनित वार्डों को पूरी तरह हाईटेक व कचरा मुक्त बनाने के उद्देश्य से इन्हें मॉडल वार्ड के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत इन वार्डों को ‘जीरो वेस्ट’ जोन बनाने की तैयारी है, जहां से निकलने वाले कचरे का शत-प्रतिशत निस्तारण स्थानीय स्तर पर या प्रोसेसिंग प्लांट में तुरंत किया जा सके।
बुधवार को यह जानकारी नगर निगम के जनसम्पर्क कार्यालय ने दी। बताया गया कि चयनीत मॉडल वार्डों में शत-प्रतिशत कूड़ा कलेक्शन के साथ-साथ स्रोत पर ही कूड़े का पृथक्करण अनिवार्य कर दिया गया है। मॉडल वार्डों में सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए नगर निगम ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। इन वार्डों के इन समस्त बीटों की जीआईएस मैपिंग कराई गई है, जिससे सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति और उनके कार्य क्षेत्र की डिजिटल निगरानी संभव हो सकी है। साथ ही शहर में ऐसे 26 स्थानों को विलोपित कर वहां सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया है। वहीं, डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की मॉनिटरिंग के लिए वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग की जा रही है, जिससे किसी भी घर के छूटने की गुंजाइश खत्म हो गई है। इन मॉडल वार्डों में जनता को जागरूक कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कूड़ा घर से निकलते समय ही दो हिस्सों में बंटा हो। इन वार्डोे में सफाई मित्र केवल उसी स्थिति में कूड़ा उठाएंगे जब वह अलग-अलग (गीला और सूखा) होगा। इस कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए दो विशेष संस्थाओं का चयन किया गया है जो जन-जागरूकता और क्षमता संवर्धन का कार्य कर रही हैं। दूसरी ओर निगम नव विस्तारित 25 वार्डों में भी साफ-सफाई का खाका तैयार कर लिया है। इन वार्डों में भी दिसंबर 2025 से ही डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के लिए निजी एजेंसियों (जैसे मेसर्स लॉयन सिक्योरिटी गार्ड्स सर्विसेज) को अनुबंधित किया गया है। वर्तमान में शहर में प्रतिदिन 1215 टन कचरा प्रोसेसिंग की क्षमता विकसित कर ली गई है, जो मॉडल वार्डों की सफलता में मील का पत्थर साबित होगी।