यमुनानगर, 26 जनवरी । हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा है कि प्रदेश में रिहायशी क्षेत्रों के ऊपर से गुजर रही 33 केवी और 66 केवी की हाईटेंशन बिजली लाइनों को हटाने की दिशा में सरकार गंभीरता से काम कर रही है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां पहले बिजली लाइन डाली गई थी और बाद में मकान बनाए गए हैं, वहां नियमानुसार लाइन शिफ्ट कराने के लिए संबंधित व्यक्ति को विभागीय अनुमान के अनुसार खर्च जमा कराना होता है।
अनिल विज सोमवार को यमुनानगर में जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह के उपरांत मीडिया से बातचीत कर रहे थे। हाल ही में प्रदेश के कई हिस्सों में आई तेज हवाओं और बारिश से बिजली व्यवस्था को हुए नुकसान पर उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण सैकड़ों बिजली के खंभे उखड़ गए हैं, जबकि कई फीडर और ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं। मंत्री ने बताया कि बिजली विभाग के कर्मचारी और अधिकारी युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं और जहां-जहां आपूर्ति बाधित हुई है, उसे प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था को लेकर वह स्वयं लगातार निगरानी रखते हैं और अनावश्यक कटौती स्वीकार्य नहीं है। गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अनिल विज ने कहा कि यह दिन देश के गौरव, सम्मान और संवैधानिक मूल्यों का प्रतीक है। 26 जनवरी 1950 को भारत को उसका संविधान मिला, जिसने देश को लोकतांत्रिक दिशा दी। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर तैनात सैनिक कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा कर रहे हैं और हाल में सामने आई एक दुखद घटना में शहीद हुए जवानों के प्रति उन्होंने गहरी संवेदना व्यक्त की। विज ने कहा कि देशवासियों के मन में सैनिकों के प्रति सदैव सम्मान और कृतज्ञता का भाव रहता है। राजनीतिक सवालों के जवाब में ऊर्जा मंत्री ने कांग्रेस पार्टी को कमजोर और बिखरी हुई बताते हुए कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की चुनावी सफलताएं जनता के बढ़ते विश्वास का प्रमाण हैं।