विकसित भारत का सपना अब प्रत्येक भारतीय का सपना: मुख्यमंत्री धामी

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देहरादून, 30 मई । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है और विकसित भारत का सपना अब प्रत्येक भारतीय का सपना बन चुका है। उन्होंने कहा कि “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

मुख्यमंत्री धामी शनिवार को देहरादून के शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में आयोजित प्रबुद्ध गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रह सकती। शिक्षण संस्थानों में कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार, बहुविषयक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी पहलें युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

धामी ने कहा कि नई शिक्षा नीति भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक आवश्यकताओं के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य कर रही है। प्राचीन भारत विश्व का अग्रणी ज्ञान केंद्र था और नई शिक्षा नीति उसी गौरव को पुनर्स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डिजिटल लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, नवाचार एवं स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देते हुए युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।

कार्यक्रम में शामिल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि विकसित भारत का अर्थ गरीबी से मुक्त, उत्कृष्ट आधारभूत ढांचे वाला, उच्च शिक्षा में अग्रणी तथा नवाचार में विश्व का नेतृत्व करने वाला भारत है। उन्होंने कहा कि पर्यटन, जैविक कृषि और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। तकनीकी विकास के माध्यम से प्रदेश की समस्याओं का समाधान खोजकर उत्तराखंड को देश का आदर्श राज्य बनाया जा सकता है।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में पूर्ण साक्षरता, घर-घर बिजली, पानी और सड़क पहुंचाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने बताया कि भिक्षा मांगने वाले लगभग 1700 बच्चों को शिक्षा और संरक्षण उपलब्ध कराने के लिए छात्रावासों में रखा गया है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और लाखों लोग इसका लाभ उठा चुके हैं। उच्च शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. त्रिप्ता ठाकुर ने कहा कि नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देकर विकसित भारत के लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले भी प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने शिक्षा में डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक कौशलों के समावेश पर बल दिया।

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति राष्ट्र प्रथम की भावना पर आधारित है और भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने वाली है। उन्होंने कहा कि कक्षा छह से कौशल शिक्षा प्रारंभ करने का प्रावधान भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप है।

कार्यक्रम में शिवालिक समूह के चेयरमैन सुनील कुमार, वाइस चेयरमैन अजय कुमार, विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, मुन्ना सिंह चौहान, सविता कपूर, डॉ. दुर्गेश पंत सहित अनेक शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि एवं बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।