मंडी, 17 अक्टूबर । स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया का 42वां मंडी जिला सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में मंडी जिले की विभिन्न महाविद्यालय इकाइयों से 80 सदस्यों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति, महाविद्यालयों में छात्रों को पेश आ रही समस्याओं और संगठन को मजबूत करने की दिशा में विस्तार से चर्चा की गई।
सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि आज प्रदेश के महाविद्यालय शिक्षकों की कमी, मूलभूत सुविधाओं के अभाव, परिवहन की समस्याओं और छात्र संघ चुनावों पर रोक जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इन समस्याओं का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके अधिकारों पर पड़ रहा है। ऐसे समय में छात्रों को एकजुट करके उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
सम्मेलन ने संकल्प लिया कि एसएफआई आने वाले समय में महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने, छात्रों को बेहतर मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध करवाने, छात्र संघ चुनाव बहाल करने तथा शिक्षा के निजीकरण और व्यापारीकरण के खिलाफ संघर्ष तेज करेगी।
साथ ही, मंडी जिले के सभी महाविद्यालयों में संगठन का विस्तार करने और छात्रों की समस्याओं को लेकर आंदोलन खड़ा करने की दिशा में काम किया जाएगा। सम्मेलन में 23 सदस्यीय जिला कमेटी का चुनाव किया गया। इसमें अरमान ठाकुर को जिला अध्यक्ष और दीपक को जिला सचिव चुना गया। इसके अतिरिक्त 8 सदस्यीय जिला सचिवालय का गठन किया गया, जिसमें मोहित और खुशी को उपाध्यक्ष तथा महेंद्र सिंह और सोनिया को सह-सचिव चुना गया। सम्मेलन ने विश्वास व्यक्त किया कि नई जिला कमेटी छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने, शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष विकसित करने और मंडी जिले में एसएफआई के संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।