भगवान राम देश की आस्था के केंद्र,उनके नाम पर महात्मा गांधी की पहचान को मिटाना अस्वीकार्य : दीपक बैज

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छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि गांधीजी के विचारों से जुड़ा सामाजिक सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है । कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने देगी। उन्हाेने कहा कि आज ज़मीनी सच्चाई यह है कि कई जगहों पर मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल रही, लेकिन सरकार असल मुद्दों पर काम करने के बजाय नाम बदलने में ऊर्जा लगा रही है। गरीब जनता को 100 दिन का रोजगार देने के उद्देश्य से महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना की शुरुआत 2006 में कांग्रेस शासनकाल में की गई थी । इसका लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और ग्रामीण जनता को नकद राशि प्रदान करना था। उन्हाेने कहा कि भगवान राम देश की आस्था के केंद्र हैं, लेकिन उनके नाम पर महात्मा गांधी की पहचान को मिटाना अस्वीकार्य है। यह फैसला सामाजिक सौहार्द और ऐतिहासिक विरासत के खिलाफ है।

दीपक बैज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने न केवल योजना से महात्मा गांधी का नाम हटा दिया, बल्कि पूरी योजना को ही समाप्त कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी दावा किया कि मनरेगा के लिए केंद्र सरकार की ओर से दिया जाने वाला 90 प्रतिशत अनुदान घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। उनके अनुसार, नई योजना में कई ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिससे मूल योजना का उद्देश्य ही समाप्त हो गया है । कांग्रेस पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती है और मांग करती है कि मनरेगा का नाम और उसकी मूल पहचान बरकरार रखी जाए। योजना के तहत मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। राजनीतिक एजेंडे के लिए ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का इस्तेमाल बंद किया जाए ।

इस एकदिवसीय धरना प्रदर्शन में आयोजित कार्यक्रम को पूर्व विधायक रेखचंद जैन, शहर जिलाध्यक्ष सुशील माैर्य, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, उमाशंकर शुक्ला,प्रकाश अग्रवाल, बलराम यादव, सहदेव नाग,विशाल खंबारी, दयाराम कश्यप ने भी संबोधित किया वही इस कार्यक्रम में मंच संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता युवा कांग्रेस जावेद खान व पार्षद सूर्यापानी के द्वारा किया गया ।