बलरामपुर : बिहान योजना से बदली अनिता की तकदीर, स्व-सहायता समूह से जुड़कर बनीं बीसी सखी

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बलरामपुर, 03 मार्च । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित बिहान योजना ने जिले के राजपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटडीह की अनिता गुप्ता के जीवन को नई दिशा दी है। स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ की, बल्कि गांवों में वित्तीय समावेशन की मजबूत कड़ी के रूप में पहचान बनाई है।

समूह से जुड़ने से पहले अनिता का परिवार पूरी तरह कृषि पर निर्भर था। सीमित आय के कारण घर का खर्च मुश्किल से चल पाता था। आय बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने सिलाई कार्य शुरू किया, लेकिन काम सीमित होने से आमदनी पर्याप्त नहीं हो पा रही थी और बचत की कोई गुंजाइश नहीं थी। बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता बनी रहती थी।

आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह पर कदम बढ़ाते हुए अनिता ने 10 अन्य महिलाओं के साथ मिलकर भोले बाबा महिला स्व-सहायता समूह का गठन किया। समूह के माध्यम से नियमित बचत शुरू हुई और इसी दौरान उन्हें बिहान योजना के तहत बीसी सखी प्रशिक्षण की जानकारी मिली। उन्होंने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र से बैंकिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया और परीक्षा उत्तीर्ण कर बैंकिंग सेवाएं संचालित करने की पात्रता हासिल की।

बिहान योजना से 68 हजार रुपये का ऋण लेकर अनिता ने लैपटॉप और अन्य आवश्यक उपकरण खरीदे तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की कियोस्क बीसी सखी के रूप में कार्य प्रारंभ किया। नियमित आय और बचत के साथ उन्होंने ग्राम कोदौरा में भूमि खरीदकर स्वयं का भवन निर्मित किया और दुकान शुरू की। वर्तमान में वे किराना दुकान, कपड़ा सिलाई और बीसी सखी के रूप में बैंकिंग सेवाएं संचालित कर रही हैं।

अनिता गांव-गांव जाकर पेंशन भुगतान, मनरेगा मजदूरी, बचत खाता खोलना और अन्य बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं, जिससे आसपास के कई ग्राम पंचायतों में वित्तीय समावेशन को मजबूती मिली है। आज उनकी मासिक आय लगभग 20 से 25 हजार रुपये तक पहुंच गई है। मेहनत, समूह की ताकत और सरकारी योजना के समन्वय से अनिता का परिवार अब खुशहाल जीवन जी रहा है।