गुरूओं की शिक्षा देती है समाज को सही दिशा : योगी आदित्यनाथ

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कैथल, 14 मार्च । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को कैथल के गांव सौंगल में स्थित बाबा मुकुट नाथ के डेरे में आयोजित धार्मिक समारोह में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने संत परंपरा, आस्था और नशे के खिलाफ समाज को जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनका सौभाग्य है कि उन्हें इस पवित्र स्थल पर आने और संतों के दर्शन करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि गुरु और संत समाज को केवल जीवित रहते ही नहीं, बल्कि उनके बाद भी सम्मान दिया जाना चाहिए, क्योंकि उनकी शिक्षाएं समाज को सही दिशा देने का काम करती हैं।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत में संतों की एक गौरवशाली परंपरा रही है, जिन्होंने अपने जीवन को राष्ट्र और धर्म की सेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा की भूमि विशेष रूप से संतों और महात्माओं की तपस्थली रही है।

उन्होंने इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि सिकंदर जैसे महान विजेता को भी संतों और गुरुओं के सामने नतमस्तक होना पड़ा था। जब संत शक्ति जागरूक होती है तो कोई भी ताकत देश और धर्म को झुका नहीं सकती। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो लोग देशहित में काम कर रहे हैं, उनका समर्थन किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर मठ के महंत पीरशेरनाथ ने बताया कि सिद्ध बाबा मुकुट नाथ मठ क्षेत्र का एक प्राचीन धार्मिक स्थल है, जो करीब 1600 से 1700 वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। यह स्थान सिद्ध पुरुष बाबा मुकुट नाथ की तपस्थली माना जाता है, जहां उनकी स्मृति में निरंतर ज्योति प्रज्वलित रहती है। उन्होंने बताया कि मठ परिसर में अब तक 17 महंतों की समाधियां स्थित हैं, जिनकी प्रतिदिन पारंपरिक तरीके से गाय के गोबर से लिपाई की जाती है। यहां एक प्राचीन धूना भी लगातार प्रज्ज्वलित रहता है और यह डेरा नाथ संप्रदाय की धर्मनाथ परंपरा से जुड़ा हुआ है।