कैथल, 26 मार्च । स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट ने 19 मार्च को गांव चाैशाला में हुई मुठभेड़ के मामले में गुरुवार काे दो कुख्यात शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर छह दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, 19 मार्च को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) मोहाली को गुप्त सूचना मिली थी कि 18 मार्च को सेक्टर-9 चंडीगढ़ में चरणप्रीत उर्फ चिन्नी की हत्या में शामिल मुख्य शूटर फिराेजपुर निवासी राजन पहलवान निवासी फिरोजपुर और उसका साथी नवांशहर निवासी प्रीतम शाह कैथल जिले के गांव चौशाला में हथियारों के साथ छिपे हुए हैं।
सूचना के आधार पर एजीटीएफ पंजाब और एसटीएफ करनाल की संयुक्त टीम ने गांव चौशाला में दबिश दी थी। पुलिस को देखते ही तीन युवक भागने लगे, जिनमें से गांव चौशाला निवासी साहिल को मौके पर ही काबू कर लिया गया था। वहीं, दो आरोपी एक कमरे में घुस गए और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने लगातार गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा करते हुए नीचे की ओर फायरिंग की, जिससे दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े। इसके बाद पुलिस ने उन्हें काबू कर लिया।
मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ करनाल के एसआई प्रवीण कुमार और एक अन्य कर्मचारी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मौके से अवैध पिस्तौल और कारतूस भी बरामद किए गए थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजन पहलवान और प्रीतम शाह के रूप में हुई थी, जो एक संगठित अपराध गिरोह के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं। दोनों विभिन्न आपराधिक मामलों में वांछित थे। घायल अवस्था में उन्हें नागरिक अस्पताल कैथल में भर्ती कराया गया था, जहां से डिस्चार्ज होने के बाद स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी गांव चौशाला निवासी साहिल के घर पर छिपे हुए थे, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस टीम पर हमला करने के आरोप में थाना कलायत में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले की जांच स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट प्रभारी एसआई मुकेश कुमार के नेतृत्व में एएसआई शमशेर सिंह की टीम द्वारा की जा रही है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों और आपराधिक वारदातों के बारे में महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।