जयपुर, 07 अप्रैल । जिला उपभोक्ता आयोग क्रम-2 ने ग्राहक का गैस सिलेंडर किसी अन्य को बेचने को सेवा दोष माना है। इसके साथ ही आयोग ने मुरलीपुरा की सीमा भारत गैस एजेंसी पर चार हजार रुपए का हर्जाना लगाया है। आयोग के अध्यक्ष जीएल मीणा और सदस्य अजय कुमार व सुप्रिया अग्रवाल ने यह आदेश घनश्याम दास विजय के परिवाद पर दिए।
परिवाद में कहा गया कि परिवादी को विपक्षी गैस एजेंसी से सिलेंडर की सप्लाई होती थी। इस दौरान ही एक दिसंबर 2021 को उसके मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवर होने का एक मैसेज आया, जबकि उसने सिलेंडर की बुकिंग ही नहीं कराई थी। इस बारे में उसने गैस एजेंसी के कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने कोई भी जवाब नहीं दिया। परिवादी सिलेंडर की जरूरत हुई तो उसने 5 दिसंबर को बुक कराया और 7 दिसंबर को उसे सिलेंडर की डिलीवरी हुई। डिलीवरी रसीद में उसे अब तक 4 सिलेंडर डिलीवर होना बताया, जबकि उसे 3 सिलेंडर ही मिले थे। इस पर परिवादी ने उसका गैस सिलेंडर किसी अन्य को बेचने पर गैस एजेंसी को कानूनी नोटिस भेजा और गैस एजेंसी के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। जवाब में गैस एजेंसी ने कहा कि परिवादी को 15 सिलेंडर की सब्सिडी मिलती है और उसे कोई नुकसान नहीं हुआ है। जिला उपभोक्ता आयोग ने दोनों पक्षों को सुनकर माना कि गैस एजेंसी ने अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस कर परिवादी का सिलेंडर किसी अन्य को बेचान किया है, ऐसे में उस पर हर्जाना लगाना उचित होगा।