पश्चिमी सिंहभूम, 13 अप्रैल । कोल्हान विश्वविद्यालय सभागार में सोमवार को आयोजित कोल्हान प्रमंडल स्तरीय मुखिया सम्मेलन में ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने पंचायत प्रतिनिधियों को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में मुखिया अपने पंचायत के मुख्यमंत्री के समान हैं और गांवों के समग्र विकास में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य गठन के बाद पहली बार पंचायतों को 15 वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग से सबसे अधिक राशि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले 10 से 15 दिनों के भीतर राज्य वित्त आयोग की राशि सीधे पंचायतों तक पहुंचा दी जाएगी। इस बार प्रत्येक पंचायत को लगभग 52 लाख रुपये मिलने की संभावना जताई गई है, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद मुखिया समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं और सरकार उनके प्रयासों को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में सम्मेलन के दौरान बेहतर कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित भी किया गया। उन्होंने यह भी घोषणा किया कि राज्य स्तर पर उत्कृष्ट पंचायतों को सम्मान राशि देकर पुरस्कृत किया जाएगा।
पेसा कानून का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि लंबे समय से लंबित नियमावली को वर्तमान सरकार ने लागू कर पारंपरिक ग्राम सभाओं को सशक्त बनाया है। अब ग्राम सभा का निर्णय सर्वोपरि होगा और उसकी सहमति के बिना कोई भी योजना लागू नहीं की जा सकेगी। उन्होंने इसे ग्रामीण स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि नई नियमावली में महिलाओं को सचिव बनने का प्रावधान किया गया है, जिससे पंचायत स्तर पर उनकी भागीदारी और निर्णय लेने की भूमिका बढ़ेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि पंचायत समिति और वार्ड सदस्यों की भूमिका को भी मजबूत किया जा रहा है और पंचायतों को मिलने वाली राशि का 15 प्रतिशत हिस्सा पंचायत समिति सदस्यों को विकास कार्यों के लिए दिया जा रहा है।
जल संकट के समाधान को लेकर मंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर चापानल मरम्मत और पानी के टैंकर की व्यवस्था की जा सकती है, जिसके लिए विभाग पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अगले वर्ष पंचायत चुनाव समय पर कराने की तैयारी शुरू हो चुकी है, जो 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के आधार पर होंगे।
सम्मेलन में सांसद जोबा मांझी, विधायक सोना राम सिंकू और पंचायती राज निदेशक राजेश्वरी बी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखा। वहीं, कोल्हान प्रमंडल के विभिन्न मुखियाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए पंचायतों को मिल रही बढ़ी हुई वित्तीय सहायता के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।