बरेली, 22 अप्रैल । क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए बरेली विकास प्राधिकरण ने दिल्ली हाईवे से सटे इलाकों में प्रस्तावित औद्योगिक टाउनशिप के लिए भूमि क्रय प्रक्रिया का बुधवार से विधिवत शुभारम्भ कर दिया। इसके साथ ही किसानों को मुआवज़ा वितरण की कार्रवाई भी शुरू हो गई है।
प्राधिकरण के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सर्किल दर के चार गुना के आधार पर भूमि का मूल्य निर्धारित किया गया है। भूमि क्रय की प्रक्रिया आपसी सहमति के आधार पर की जा रही है, जिसमें रजिस्ट्री के साथ ही किसानों को भुगतान भी किया जा रहा है।
बुधवार को भूमि क्रय की शुरुआत करते हुए ग्राम रहपुरा जागीर के किसान धर्मपाल, प्रेमराज पुत्र राम प्रसाद और गंगा प्रसाद पुत्र चेतराम को कुल 74 लाख रुपये का प्रतिकर भुगतान किया गया। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया गया है, ताकि किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो।
परियोजना के तहत तहसील बरेली के ग्राम रसूला चौधरी और तहसील मीरगंज के ग्राम भिटौरा नौगंवा उर्फ फतेहगंज पश्चिमी, चिटौली व रहपुरा जागीर की कुल 126.3043 हेक्टेयर भूमि क्रय की जाएगी। यह टाउनशिप विकसित होने के बाद क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देगी।
बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंदन ए ने कहा कि यह परियोजना बरेली के औद्योगिक विकास के लिए गेम चेंजर साबित होगी। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण किसानों से आपसी सहमति के आधार पर पारदर्शी तरीके से भूमि क्रय कर रहा है और समयबद्ध ढंग से भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों के हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी और किसी को भी असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि औद्योगिक टाउनशिप बनने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। साथ ही सड़क, बिजली, जलापूर्ति और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं का आधुनिक विकास भी सुनिश्चित किया जाएगा। इससे क्षेत्र का सुनियोजित शहरीकरण संभव हो सकेगा।