जबकि फायर ब्रिगेड 27 कर्मचारी पहले से ही मुस्तैद है।
फसल को आगजनी से बचाने के लिए तहसील इसराना में एक गाड़ी, बापौली में एक गाड़ी, मतलौड़ा में एक गाड़ी 24 घंटे तैनात कर रखी है। किसी भी आगजनी से निपटने के लिए चार फायर स्टेशन स्थापित है जिनमें हाली पार्क, लाल बत्ती, सेक्टर 25 व समालखा है जिनमें 22 गाड़ियां मौजूद है। फायर ऑफिसर ने बताया कि पानीपत औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां आगजनी की घटनाएं अधिक होती है। पिछले वर्ष पानीपत में 961 आगजनी की घटनाएं हुई जिनमें बिजली से लगी आग 20, खाली प्लॉट में 25, फैक्ट्रियों में227, घरों में 27, वाहनों में 50, दुकानों में28, अपशिष्ट सामग्री 204, अमोनिया गैस रिसाव एक , कृषि 267, गोबर के ढेर में40, कार्यालय एक,अस्पताल में एक, झोपड़ी में 2, सिलेंडर फटने से 9, पेड़ जलने 9, मुर्गी पालन फार्म 9, टावर 2, ऑटो एजेंसी 1, बैंक 1, विवाह स्थल 1, फर्नीचर 1, गौशाला 1, बचाव कार्य की 40 सहित कुल 961 आगजनी की घटनाएं हुई। जिनमें एक अनुमान के मुताबिक करीब दो अरब रूपये का नुकसान हुआ है। चालू वर्ष में एक मार्च से 15 मार्च तक 26 आगजनी की घटनाएं हुई जिनमें 16 मार्च से 31 मार्च तक 36 आग़जनी की घटनाएं हुई व एक अप्रैल से लेकर 15 अप्रैल तक 77 आगजनी की घटनाएं हुई है। इन घटनाओं पर समय रहते काबू पा लिया गया।