मजदूर आंदोलन के दमन के विरोध में ट्रेड यूनियनों ने सौंपा ज्ञापन

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हरिद्वार, 17 मई । विभिन्न ट्रेड यूनियनों, राजनीतिक एवं मजदूर संगठनों ने रविवार को मजदूर आंदोलन के कथित बर्बर दमन के विरोध में तथा मजदूरों की मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन प्रेषित किया। इस दौरान सभी संगठन हरिद्वार पुरानी तहसील स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और सभा आयोजित करने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से ज्ञापन भेजा।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उद्योगों में लंबे समय से मजदूरों का भयावह शोषण, उत्पीड़न, लंबे कार्य घंटे और अमानवीय जीवन परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिसके चलते मजदूर आंदोलन करने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योग मालिक और प्रबंधन पहले से ही कमजोर श्रम कानूनों और मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं। वक्ताओं का कहना था कि मजदूरों को आज भी न्यूनतम वेतन तक सही ढंग से नहीं मिल पा रहा है।

वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन के दबाव में सरकार ने न्यूनतम वेतन में मामूली बढ़ोतरी तो की, लेकिन कई कंपनियां और प्रबंधन इसे लागू नहीं कर रहे हैं। मजदूरों की मांग है कि न्यूनतम वेतन को महंगाई के अनुरूप बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जाए और उसी के अनुरूप बोनस सहित अन्य सुविधाएं भी दी जाएं।

कहा कि आंदोलन किसी के उकसावे से नहीं, बल्कि शोषण और बदहाल परिस्थितियों के कारण स्वतः पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेंगे।

अंत में सभी संगठनों ने मजदूर आंदोलन के दमन, मजदूरों की कथित अवैध हिरासत और मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं की नजरबंदी की आलोचना की। उन्होंने गिरफ्तार मजदूरों को रिहा करने व संगठन के कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों को तत्काल रद्द करने की मांग उठाई।

इस अवसर पर संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, प्रगतिशील भोजन माता संगठन, इंकलाबी मजदूर केंद्र व क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन समेत कई संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।