समिति का गठन अनिवार्य रूप से किया जाए तथा उसमें एक बाह्य सदस्य भी शामिल किया जाए।
साथ ही कर्मचारियों के लिए समय-समय पर जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम आयोजित किए
जाएं।
उन्होंने
बताया कि पीड़ित महिला अपनी शिकायत संस्थान की आंतरिक शिकायत समिति, जिला स्तरीय स्थानीय
समिति, अधिसूचित नोडल अधिकारी या केंद्र सरकार के शी-बॉक्स पोर्टल के माध्यम से भी
दर्ज करा सकती है। उपायुक्त ने कहा कि महिलाओं को भयमुक्त और सम्मानजनक कार्य वातावरण
उपलब्ध कराना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।