पुटकी थाना क्षेत्र के शिव शंकर नगर स्थित ओझा तालाब में रविवार सुबह नहाने के दौरान 17 वर्षीय किशोर संजीत कुमार वर्मा की डूबने से मौत हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद शव को तालाब से बाहर निकलवाया। घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं इलाके में शोक का माहौल है।
मृतक संजीत कुमार वर्मा प्रेम नगर निवासी चना विक्रेता श्याम सुंदर स्वर्णकार का पुत्र था। बताया जाता है कि रविवार सुबह संजीत अपने चार दोस्तों के साथ बाल-दाढ़ी बनवाने के बाद घर के लिए सब्जी खरीदकर ओझा तालाब में नहाने गया था। नहाने के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।
साथ मौजूद दोस्तों ने शोर मचाकर स्थानीय लोगों को बुलाया और संजीत की तलाश शुरू की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। सूचना मिलने पर पुटकी पुलिस मौके पर पहुंची और मुनीडीह के भटिंडा फॉल से स्थानीय गोताखोरों की टीम को बुलाया गया।
गोताखोरों ने करीब आधे घंटे तक तालाब में लगातार खोजबीन की, जिसके बाद संजीत का शव बाहर निकाला गया। गोताखोरों के अनुसार किशोर का शव तालाब में करीब 20 से 25 फीट की गहराई में फंसा हुआ था।
शव मिलने के बाद परिजन आनन-फानन में संजीत को स्थानीय क्लिनिक लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उसे धनबाद के एसएनएमएमसीएच ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन उसे एसएनएमएमसीएच लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
इधर, भटिंडा फॉल से आए गोताखोरों ने बताया कि वे विभिन्न इलाकों में डूबने की घटनाओं के दौरान लोगों को बचाने और शव निकालने का काम करते हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक उन्हें कोई विशेष सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। उनका कहना है कि हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता है।
गोताखोर दल में मुकेश कुमार महतो, लालू महतो, बिश्नाथ बाउरी, गंगाधर महतो, विशाल महतो, मनोरंजन बाउरी, नितेश महतो और सुबोध महतो शामिल थे।