दमोह, 30 मई । मध्य प्रदेश के दमोह में शनिवार को बकरे के मांस के नाम पर कथित रूप से किसी बड़े पशु का मांस दिए जाने की शिकायत के बाद विवाद गहरा गया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने संबंधित मांस को अपने कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। वहीं विभिन्न हिंदू संगठनों, गौसेवा संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को धरमपुरा क्षेत्र निवासी एक युवक को उसके द्वारा मंगवाया गया मांस घर पर पहुंचाया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसने बकरे का मांस (मटन) मंगवाया था, लेकिन जब उसने बाद में पन्नी खोलकर मांस देखा तो उसके बड़े आकार और स्वरूप को देखकर उसे संदेह हुआ कि यह बकरे का नहीं बल्कि किसी बड़े पशु का मांस हो सकता है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि संदेह होने के बाद वह तत्काल संबंधित मांस को लेकर कोतवाली थाना पहुंचा और पुलिस को लिखित शिकायत सौंप दी। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जब उसने मांस को लेकर आपत्ति जताई और थाने जाने की बात कही तो संबंधित व्यक्तियों द्वारा उसके साथ गाली-गलौज, विवाद और छीना-झपटी की गई। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कोतवाली थाने पहुंचा मामला, पुलिस ने शुरू की कार्रवाईशनिवार को मामला सामने आने के बाद कोतवाली थाना परिसर में लोगों की भीड़ भी एकत्रित हुई। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता से जानकारी ली और संबंधित मांस को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया।
नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) एच.आर. पांडे ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए विधिवत जांच प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जब्त किए गए मांस का परीक्षण कराने के लिए पशु चिकित्सकों की सहायता ली जा रही है।
वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही सामने आएगी सच्चाईपुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच के लिए पशु चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया है तथा आवश्यकता पड़ने पर नमूनों को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भी भेजा जाएगा।
सीएसपी पांडे ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि संबंधित मांस किस पशु का है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है तथा रिपोर्ट के आधार पर ही वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
संगठनों ने की निष्पक्ष जांच की मांगमामले की जानकारी मिलते ही विभिन्न गौसेवा संगठनों और हिंदू संगठनों के पदाधिकारी भी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। संगठनों का कहना है कि यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होना चाहिए। साथ ही उन्होंने जिले में पशु तस्करी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी की भी मांग की।
शहर में चर्चा का विषय बना मामलाशनिवार को दिनभर यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना रहा। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने पुलिस की जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील की, जबकि अन्य लोगों ने मामले की गंभीर जांच की मांग उठाई। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचने की अपील की है।
रिपोर्ट आने तक रहेगा सस्पेंसफिलहाल पूरे मामले की सच्चाई वैज्ञानिक परीक्षण और पुलिस जांच रिपोर्ट पर निर्भर है। अभी तक किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा यह पुष्टि नहीं की गई है कि जब्त किया गया मांस किस पशु का है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं माना जा रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जा रही है तथा जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।