पूर्वी सिंहभूम, 01 जून । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने कोल्हान क्षेत्र में एम्स स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं स्थापित करने की मांग को लेकर सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने साकची स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में सौंपे गए ज्ञापन में दुलाल भुईयां ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां को मिलाकर बने कोल्हान प्रमंडल की आबादी लगभग 49 लाख है, लेकिन इतने बड़े क्षेत्र में अब तक ऐसा कोई सरकारी चिकित्सा संस्थान नहीं है, जहां हृदय रोग, कैंसर, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, ट्रॉमा केयर और अन्य जटिल बीमारियों का उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में गंभीर मरीजों को इलाज के लिए रांची, भुवनेश्वर, कोलकाता, वेल्लोर और दिल्ली जैसे दूरस्थ शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे न केवल मरीजों को समय पर उपचार मिलने में कठिनाई होती है, बल्कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ भी पड़ता है।
दुलाल भुईयां ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि साकची स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लंबे समय से कोल्हान क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र रहा है। हाल के वर्षों में यहां नए अस्पताल भवन और आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास किया गया है। वर्तमान में अस्पताल परिसर के लगभग 140 कमरों का उपयोग विभिन्न चिकित्सा गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। इसके बावजूद सुपर स्पेशियलिटी विभागों, अत्याधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज से हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर चिकित्सक बनते हैं, लेकिन उन्नत संसाधनों, शोध सुविधाओं और विशेषज्ञ प्रशिक्षण के अभाव में अधिकांश प्रतिभाशाली डॉक्टर अन्य राज्यों और बड़े संस्थानों की ओर रुख कर लेते हैं। यदि इस संस्थान को एम्स स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित किया जाता है तो चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार संभव होगा।
ज्ञापन में दुलाल भुईयां ने अपनी माता स्वर्गीय गोसाई मनी देवी के हृदयाघात से हुए निधन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अत्याधुनिक हृदय चिकित्सा सुविधाओं की कमी के कारण हजारों परिवारों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध नहीं होने से कई लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से एम्स जैसी सुविधाओं से विकसित करने के लिए विशेष योजना बनाई जाए। उनका कहना था कि इससे न केवल झारखंड के कोल्हान क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा, बल्कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों के लाखों लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
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