प्रयागराज, 16 अगस्त ।श्रावण मास के तीसरे सोमवार को कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रयागराज से वाराणसी जाने वाले राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सुरक्षा और कांवड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रयागराज से वाराणसी राजमार्ग की उत्तरी लेन (बायीं लेन) को कांवड़ियों के लिए आरक्षित रखा गया है। वहीं, प्रयागराज से वाराणसी आने-जाने वाले वाहनों के लिए दक्षिणी लेन (दाहिनी लेन) उपलब्ध रहेगी। भारी और व्यावसायिक वाहनों के लिए निर्धारित मार्गों से डायवर्जन किया गया है।
पुलिस उपायुक्त यातायात नीरज कुमार पाण्डेय ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम आवाजाही पुलिस की प्राथमिकता है। यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए भारी और व्यावसायिक वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि निर्धारित मार्गों का ही प्रयोग करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
पुलिस के अनुसार यह व्यवस्था 17 अगस्त को कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए लागू की जाएगी। डायवर्जन की प्रक्रिया 15 अगस्त की रात 11:55 बजे से शुरू होकर 18 अगस्त की रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगी। श्रावण मास के दौरान 30 जुलाई से 28 अगस्त तक प्रयागराज-वाराणसी राजमार्ग की उत्तरी लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित है।
इन मार्गों से जाएंगे भारी वाहन
कानपुर की ओर से वाराणसी जाने वाले भारी और व्यावसायिक वाहन फतेहपुर, लालगंज, रायबरेली, सलोन, प्रतापगढ़, मछलीशहर और जौनपुर मड़ियाहूं होते हुए वाराणसी जाएंगे। वापसी का मार्ग भी यही रहेगा।
लखनऊ की ओर से वाराणसी जाने वाले भारी वाहन रायबरेली, सलोन, प्रतापगढ़, मछलीशहर और जौनपुर मड़ियाहूं होते हुए वाराणसी जाएंगे। प्रतापगढ़ की ओर से आने वाले भारी वाहन मछलीशहर, जौनपुर और मड़ियाहूं के रास्ते वाराणसी पहुंचेंगे।
रीवा और बांदा की ओर से वाराणसी जाने वाले भारी वाहन घूरपुर, गोहनिया और नैनी से मिर्जापुर के रास्ते वाराणसी जाएंगे। वहीं, वाराणसी से कानपुर की ओर जाने वाले भारी वाहनों को हंडिया से कौशांबी के कोखराज बाईपास होते हुए कानपुर भेजा जाएगा।
रीवा-बांदा-चित्रकूट मार्ग से प्रयागराज होकर लखनऊ और कानपुर जाने वाले भारी वाहन चित्रकूट, बांदा, चौडगरा और फतेहपुर होते हुए अपने गंतव्य तक जाएंगे। चित्रकूट की ओर से आने वाले वाहन राजापुर और कौशांबी के कोखराज होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे।
रोडवेज और इलेक्ट्रिक बसों का भी बदला गया मार्ग
वाराणसी की ओर से आने वाली रोडवेज और इलेक्ट्रिक बसें हंडिया-सहसों-फाफामऊ के रास्ते प्रयागराज में प्रवेश करेंगी। इन बसों को शास्त्री पुल का प्रयोग करने की अनुमति नहीं होगी। इसी तरह जौनपुर की ओर से आने वाली रोडवेज और इलेक्ट्रिक बसें फूलपुर-सहसों-फाफामऊ के रास्ते प्रयागराज आएंगी।
डायवर्जन अवधि में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर भारी और व्यावसायिक वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक रहेगी। आवश्यक सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों के लिए भी शास्त्री पुल का प्रयोग संभव नहीं होगा।
पुलिस उपायुक्त यातायात ने वाहन चालकों से अपील की है कि कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। इससे कांवड़ियों की यात्रा सुरक्षित रहने के साथ ही आम लोगों को भी आवागमन में अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।