पुणे में आयोजित राष्ट्रीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में कोरबा की अर्शिका आर्या ने जीता द्वितीय पुरस्कार, अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुति के लिए भी चयनित

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कोरबा, 02 जून (हि. स.)। शहर की होनहार बालिका अर्शिका आर्या ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कोरबा और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। अखिल भारतीय सांस्कृतिक संघ, पुणे द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित 22वें कल्चरल फोरम ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स में अर्शिका ने शानदार प्रस्तुति देकर द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। यह आयोजन 21 मई से 31 मई तक आयोजित किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में अर्शिका ने अपनी कला, आत्मविश्वास और उत्कृष्ट प्रदर्शन से निर्णायकों को प्रभावित किया। विभिन्न सांस्कृतिक एवं कलात्मक विधाओं के प्रतिभागियों के बीच हुए कड़े मुकाबले में उन्होंने दूसरा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

अर्शिका की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। उन्हें आगामी नवंबर माह में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए भी चयनित किया गया है। इस चयन से परिवार और क्षेत्र के लोगों में विशेष उत्साह का माहौल है।

अर्शिका की माता कंचन यादव आर्या ने बताया कि अर्शिका को बचपन से ही सांस्कृतिक गतिविधियों में विशेष रुचि रही है। निरंतर अभ्यास, मेहनत और लगन के बल पर उसने यह मुकाम हासिल किया है। परिवार ने हमेशा उसे अपनी प्रतिभा को निखारने और बड़े मंचों पर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

अर्शिका के पिता अभिषेक जॉन, जो जनसंपर्क विभाग में कार्यरत हैं, ने पुत्री की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल उनके परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे कोरबा जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्शिका को आयोजकों द्वारा सम्मानित भी किया गया। उनकी इस सफलता पर शिक्षकों, मित्रों, रिश्तेदारों तथा शुभचिंतकों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अर्शिका की यह उपलब्धि जिले के अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

अर्शिका आर्या की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी अपनी मेहनत, समर्पण और परिवार के सहयोग से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उल्लेखनीय पहचान बना सकती हैं।