निजी जमीन पर उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय , बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे मासूम

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पलामू, 08 अगस्त । पलामू जिले के हैदरनगर प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, गोल्हना में पढ़ने वाले गरीब तबके के मासूम बच्चों की बुनियादी सुविधाओं का मामला अब जिला प्रशासन के सामने गंभीर सवाल बनकर खड़ा है। विद्यालय के बच्चों ने पलामू उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत से खेल मैदान, पंखे, स्वच्छता, उचित शौचालय तथा विद्यालय तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण की गुहार लगायी है।

विद्यालय की समस्या केवल सुविधाओं तक सीमित नहीं है। यह स्कूल पिछले करीब 18 वर्षों से 26 डिसिमल निजी भूमि पर संचालित हो रहा है। इस भूमि का न तो अधिग्रहण हो सका है और न ही नियमितीकरण। विद्यालय परिसर का उपयोग वर्षों से मतदान केंद्र संख्या-59 के रूप में भी किया जाता रहा है। बावजूद विद्यालय की भूमि को राज्य सरकार अथवा राज्यपाल, झारखंड के नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है।

विद्यालय की भूमि को लेकर झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी-सह-सचिव के. रवि कुमार के स्तर से जांच भी कराई गई थी। जांच में यह बात सामने आई कि जिस भूमि पर विद्यालय संचालित हो रहा है, वह अभी भी निजी स्वामित्व में है।

जांच को करीब तीन माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक भूमि अधिग्रहण या नियमितीकरण की ठोस कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब भूमि पर वर्षों से विद्यालय संचालित हो रहा है और उसी परिसर का उपयोग मतदान केंद्र के रूप में भी किया जा रहा है, तो उसकी स्थिति को अब तक स्पष्ट क्यों नहीं किया गया

मामले को लेकर युवा एक्टिविस्ट अंकु सिंह राणा ने शनिवार काे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से पलामू उपायुक्त एवं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बच्चों की समस्याओं पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की।

वहीं समाजसेवी भारद्वाज सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी मामले को मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की। राहुल सिंह, रंजन प्रजापति, प्रमोद मीना, अभिजीत पांडे, विश्वास श्रीवास्तव, श्याम दंगार, जितेंद्र कुमार, मनोज गुप्ता, ओम प्रकाश सहित कई समाजसेवियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चों की समस्याओं को उठाते हुए प्रशासन से ठोस पहल की मांग की।