मिल्क चिलिंग सेंटर से मजबूत होगी ग्रामीण आजीविका, महिला समूहों को दुग्ध व्यवसाय से जोड़ने पर जोर

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बलरामपुर, 22 अगस्त । विकासखंड रामचंद्रपुर के महावीरगंज स्थित मिल्क चिलिंग सेंटर का कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने निरीक्षण किया। उन्होंने सेंटर में दूध संग्रहण, गुणवत्ता परीक्षण, शीतलीकरण और आगे भेजने की प्रक्रिया की जानकारी ली।

कलेक्टर ने समिति से जुड़े पशुपालकों और दुधारू पशुओं की संख्या की जानकारी लेते हुए दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों और पशुपालकों की सहभागिता से दुग्ध व्यवसाय को रोजगार और आय का बेहतर माध्यम बनाया जा सकता है।

कलेक्टर ने दुग्ध व्यवसाय को व्यापक स्तर पर विकसित करने के लिए महिला स्व-सहायता समूहों को इससे जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से दूध उत्पादन, संग्रहण और विपणन की गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जा सकता है। इससे महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर नियमित आय के अवसर भी सृजित होंगे।

उन्होंने मिल्क चिलिंग सेंटर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने तथा दुग्ध व्यवसाय को लाभकारी एवं टिकाऊ गतिविधि के रूप में विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि स्थानीय पशुपालकों और महिला समूहों को जोड़कर सामूहिक प्रयास किए जाएं, ताकि दुग्ध उत्पादन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।

इस दौरान अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया, अनुविभागीय अधिकारी आनंद राम नेताम, उप संचालक पशुपालन एस. एस. सेंगर, तहसीलदार मनोज पैंकरा सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।