गुवाहाटी, 29 अगस्त । राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के अवसर पर शनिवार को सरुसजाई स्थित अर्जुन भोगेश्वर बरुवा खेल परिसर में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं, प्रदर्शनियों और कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य खेल, फिटनेस तथा असम की समृद्ध पारंपरिक खेल संस्कृति को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में असम के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री बिस्वजीत दैमारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर दीप प्रज्ज्वलित किया गया और महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की स्मृति में पुष्पांजलि अर्पित की गई।
अपने संबोधन में मंत्री दैमारी ने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस असम में मजबूत खेल संस्कृति विकसित करने और बच्चों एवं युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है। उन्होंने राज्य में जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें निखारने के लिए आयोजित खेल महारण असम की सफलता का उल्लेख किया और कहा कि ऐसी पहलों पर आगे भी जोर दिया जाएगा।
मेजर ध्यानचंद के भारतीय खेलों में उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए मंत्री ने कहा कि उनका जीवन और उपलब्धियां आज भी खिलाड़ियों की पीढ़ियों को प्रेरित करती हैं। उन्होंने खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए अनुशासन, समर्पण और दृढ़ता के महत्व पर जोर दिया।
समारोह के दौरान रस्साकशी, बतख पकड़ने, मुर्गों की लड़ाई, भारतीय तीरंदाजी, टेकेली भोंगा और धीमी साइकिल दौड़ सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
इसके अलावा खुम्भलैनाई (बोड़ो कुश्ती), नाव खेलोर गीत, महाओ, थांग-ता, रिमिन नालेबाओ और पेंग वॉक जैसी पारंपरिक एवं स्वदेशी खेल गतिविधियों का प्रदर्शन भी किया गया।
मंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन असम की विविध खेल परंपराओं और स्वदेशी खेलों को प्रदर्शित करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को शारीरिक रूप से सक्रिय रहने और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के निदेशक अंकुर भराली तथा राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता नयन मोनी सैकिया भी उपस्थित रहीं।
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