बड़गांई जमीन फर्जीवाड़ा केस :मुख्यमंत्री ने डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किए जाने को उच्च न्यायालय में दी चुनौती

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रांची, 31 अगस्त । बड़गांई की 8.86 एकड़ की कथित जमीन फर्जीवाड़ा से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से पीएमएलए कोर्ट की ओर से उनके डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज किए जाने को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है।

पीएमएलए की विशेष अदालत ने उनकी डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दिया है। झारखंड उच्च न्यायालय में उनकी क्रिमिनल रिवीजन याचिका फिलहाल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है। पीएमएलए कोर्ट ने डिस्चार्ज याचिका खारिज करने का यह आदेश 8 जून को दिया था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी ने रांची के बड़गाईं स्थित एक भूमि से जुड़े मामले में मनी लांड्रिंग का आरोपी बनाया है। पूर्व में मामले में ईडी की विशेष अदालत में अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह सहित 15 आरोपितों के खिलाफ आरोप गठन कर चुकी है। अभी मामले में राजकुमार पाहन सहित दो के खिलाफ आरोप गठन नहीं हुआ है।

मामले में आरोपितों में राजस्वकर्मी भानु प्रसाद प्रताप, अंतू तिर्की, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, विनोद कुमार सिंह, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरसाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरसाद आदि शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि उक्त कथित जमीन फर्जीवाड़ा मामले को लेकर ईडी ने कई बार कार्रवाई की थी। जिसमें झामुमो नेता अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह सहित जमीन कारोबारियों के ठिकाने पर छापेमारी की गई थी।

वहीं, ईडी ने मामले की जांच पूरी करते हुए आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।