माओवाद मुक्त क्षेत्रों में विकास योजनाओं के सैचुरेशन पर दें विशेष जोर : कमिश्नर

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जगदलपुर, 17 सितंबर । कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह ने गुरुवार काे संभागस्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर एवं नारायणपुर जिले के माओवाद मुक्त क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में शासन की कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाते हुए सैचुरेशन के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाए। साथ ही ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधनों से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर पहल की जाए। कमिश्नर ने आगामी दिनों में जगदलपुर एवं दंतेवाड़ा में आयोजित होने वाले दिव्यांगजनों को वृहद कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदाय शिविर के माध्यम से इन क्षेत्रों के जरुरतमंद दिव्यांगजनों को लाभान्वित करने के लिए विशेष तौर पर बल दिया और उक्त क्षेत्रों के दिव्यांगजनों का चिन्हांकन जल्द किए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

कमिश्नर सिंह ने बस्तर जिले के आदर्श ग्राम नेतानार के समग्र विकास के लिए विभागीय अधिकारियों को समन्वित रूप से सार्थक प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आदर्श ग्राम के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही ग्रामीणों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और स्वरोजगार स्थापित करने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कृषि एवं कृषि की आनुषंगिक गतिविधियों के माध्यम से किसानों और ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करने तथा आवश्यक तकनीकी एवं विभागीय सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया। कमिश्नर ने युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर हुनरमंद बनाने और उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ने के निर्देश दिए। वहीं महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सकारात्मक पहल करने को कहा।

कमिश्नर डोमन सिंह ने बारिश के पश्चात अधोसंरचना विकास कार्यों को द्रुत गति से संचालित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर अंचल के अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया एवं भवन निर्माण से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। कार्यादेश जारी होने के साथ ही संबंधित निर्माण कार्य प्रारंभ करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रगतिरत निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों की गति बढ़ाने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण हों और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए।

कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास और जनकल्याण की योजनाओं का प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए। ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में उपायुक्त गीता रायस्त, मुख्य अभियंता लोक निर्माण समयलाल, मुख्य अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी जीएल लखेरा सहित विभिन्न विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारी तथा नोडल अधिकारी मौजूद थे। वहीं जिलों के अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े रहे।