मंडला, 17 सितंबर । मध्य प्रदेश के मंडला जिले के बम्हनी बंजर उप तहसील कार्यालय में गुरुवार को जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार के कार्यालय में निजी कर्मचारी के रूप में काम कर रहे हरीश सिंगौर को 8 हजार रुपए लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मामले में नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त के अनुसार ग्राम सिल्गी निवासी रोहणी प्रसाद चंद्रौल ने जबलपुर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके पिता झनक लाल के नाम कृषि भूमि थी। वसीयतनामा के माध्यम से यह भूमि उनके बेटे आलोक चंद्रौल के नाम की गई थी। इसके नामांतरण के लिए रोहणी प्रसाद ने ऑनलाइन आवेदन किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नामांतरण आदेश जारी करने के एवज में नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव और कार्यालय में निजी कर्मचारी के तौर पर कार्यरत हरीश सिंगौर द्वारा 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान 8 हजार रुपए में बात तय होने की पुष्टि हुई।
कार्यालय परिसर में किया ट्रैप
शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने गुरुवार को बम्हनी बंजर उप तहसील कार्यालय परिसर में ट्रैप कार्रवाई की। शिकायतकर्ता से 8 हजार रुपए लेते ही टीम ने हरीश सिंगौर को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार मामले में नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव और हरीश सिंगौर के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की संबंधित धाराओं तथा बीएनएस की धारा 61(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में ट्रेप लीडिंग अधिकारी निरीक्षक शशिकला मुस्कुले, निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक जितेंद्र यादव सहित लोकायुक्त जबलपुर की टीम शामिल रही।