ज्योतिर्मठ, 25 सितंबर । राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुक्रवार को विद्या भारती से संबद्ध सरस्वती शिशु मंदिर ज्योतिर्मठ में सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और नगरवासियों समेत 574 लोगों ने एक साथ राष्ट्रगीत का गायन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ हुआ। इसके बाद विद्यालय परिसर में उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया।
मुख्य वक्ता डॉ. भगत सिंह राणा ‘हिमाद’ ने ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष में प्रवेश पर शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा महत्वपूर्ण राष्ट्रगीत है। इसकी रचना साहित्यकार एवं उपन्यासकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के व्यवस्थापक प्रकाश कपरुवाण ने की। कार्यक्रम के संयोजक प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रदीप फर्श्वाण रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य बद्री सिंह नेगी ने अतिथियों का परिचय कराया, जबकि संचालन आचार्या दीपा ने किया।
इस अवसर पर लक्ष्मण सिंह रावत, अखिलेश भुजवाण, आचार्य ओम प्रकाश, मंजू कपरुवाण, सरस्वती देवी, बबीता चौहान, ऊषा, मेघा भुजवाण, सचिन झिंक्वाण, सुरेंद्र राणा, सुनैना, दीपिका सहित विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और अन्य लोग उपस्थित रहे।