उच्च न्यायालय ने अनुपालन रिपोर्ट में देरी पर जताई नाराज़गी, अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण

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प्रयागराज, 07 अक्टूबर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग के प्रमुख सचिव को दिए गए आदेश का एक महीने तक पालन न करने पर कड़ी नाराज़गी जताई है। न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी ने दीपक पाल की आपराधिक अपील की सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों को इसके लिए स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने दो सितंबर 2026 को विस्तृत आदेश पारित कर प्रमुख सचिव, स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार को 30 सितंबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। केस की सुनवाई के समय सरकारी अधिवक्ता ने ऐसी किसी रिपोर्ट की जानकारी न होने की बात कही और दो दिन का अतिरिक्त समय मांगा।

हाईकोर्ट कार्यालय ने बताया कि दो सितंबर के आदेश के अनुपालन में संबंधित अधिकारी को पांच अक्टूबर को भेजा गया है। इस पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों का ऐसा “लापरवाह रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे बताएं कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन एक महीने तक क्यों नहीं किया गया।