फतेहाबाद, 07 अक्टूबर । जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, हरियाणा के मुख्य अभियंता राजेश बंसल ने बुधवार को फतेहाबाद का दौरा कर शहर की सीवरेज व्यवस्था एवं मल शोधन संयंत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीवरेज कार्यों में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा, एसटीपी के संचालन, उपचारित पानी के पुन: उपयोग तथा संयंत्र परिसर की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता राजेश बंसल ने सीवरेज कार्यों में लगे कर्मचारियों के लिए उपलब्ध करवाए गए सुरक्षा उपकरणों एवं सुरक्षा प्रबंधों की बारीकी से जांच की। उन्होंने फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों से सुरक्षा उपकरणों के उपयोग तथा कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली और निर्देश दिए कि सीवरेज कार्यों के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके पश्चात उन्होंने मल शोधन संयंत्र के विभिन्न चरणों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से संयंत्र की क्षमता, सीवरेज ट्रीटमेंट की प्रक्रिया, प्रतिदिन आने वाले सीवरेज तथा उपचारित पानी के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने संयंत्र के सुचारू संचालन पर संतोष व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।
मुख्य अभियंता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसटीपी परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए तथा परिसर को अधिक से अधिक हरा-भरा एवं सुंदर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि मल शोधन संयंत्र केवल तकनीकी दृष्टि से बेहतर नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका परिसर भी स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल दिखाई देना चाहिए, ताकि यहां आने वाले लोगों को स्वच्छता, जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण का सकारात्मक संदेश मिले। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ने फतेहाबाद में एसटीपी से निकलने वाले उपचारित पानी का 100 प्रतिशत सिंचाई कार्यों में पुन: उपयोग किए जाने की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि उपचारित पानी का दोबारा उपयोग जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे भूजल एवं ताजे पानी पर निर्भरता कम होगी तथा किसानों को सिंचाई के लिए वैकल्पिक जल स्रोत उपलब्ध होगा।