दिल्ली हाई कोर्ट 22 अक्टूबर को नेहा बोरा की याचिका पर करेगा सुनवाई

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नई दिल्ली, 21 अक्टूबर । दिल्ली उच्च न्यायालय ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की दिल्ली पुलिस की ओर से जारी नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर 22 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने बोरा के वकील के आग्रह पर याचिका पर सुनवाई टालने का आदेश दिया। याचिका में नेहा बोरा ने 10 हजार के निजी मुचलका भरने और शांति बनाए रखने का निर्देश देने वाले आदेश को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय में फिलहाल दशहरे की छुट्टी है और 26 अक्टूबर को खुलेगा।

दिल्ली पुलिस ने 18 अक्टूबर को बोरा को नोटिस जारी कर 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का निर्देश दिया था। नोटिस में नेहा बोरा को निर्देश दिया गया है कि वो अपने खिलाफ चल रही जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 के तहत एक जमानतदार के साथ 10 हजार का निजी मुचलका भरे। नेहा बोरा को 16 अक्टूबर, 2026 को तब गिरफ्तार किया गया था जब वो काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च में हिस्सा लेने जा रही थीं। दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा को 17 अक्टूबर को रिहा कर दिया था।

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके को भी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धाराओं 126 और 170 के तहत एहतियातन हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस ने शांति भंग होने की आशंका का हवाला देते हुए दीपके को गिरफ्तार किया था। स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने दीपके को 50 हजार के शांति बांड पर रिहा करने का आदेश दिया था। शांति बांड के मुताबिक दीपके को एक साल तक शांति बनाये रखनी होगी।