मंदिर में आर्कषक विधुत सज्जा की गई। इस अवसर पर निशान यात्रा के दौरान श्रद्वालु ढ़ोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते हुए मंदिर पहुंचे, दोपहर और शाम की आरती में बड़ी संख्या में भक्तजन शामिल रहे। आसपास के गांव सहित जिलेभर से पहुंचे श्रद्वालुओं ने बाबा श्याम का दर्शन लाभ लिया। सावन माह की एकादशी का महत्व जानते हुए बड़ी संख्या में बाबा के दरबार में पहुंचकर भक्तजनों ने श्रद्वाभाव के साथ दर्शनलाभ लिया। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी के दिन भगवान विष्णू की पूजा और उपवास करने से सभी पाप मिट जाते है और सुख-शांति मिलती है।