अयोध्या, 22 जून । उत्तर प्रदेश के जनपद अयोध्या के मिल्कीपुर बार एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को आयोजित की गई। बैठक मेंं तहसील क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं तथा उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर के कार्य व्यवहार को लेकर अधिवक्ताओं ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की। बैठक में अधिवक्ता राम केवल मिश्रा, देवनारायण मिश्रा, उमाकांत श्रीवास्तव, राजेंद्र चौरसिया सहित अन्य अधिवक्ताओं के प्रार्थना पत्रों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित मिश्रा ने आरोप लगाया कि उपजिलाधिकारी द्वारा समस्याओं के निस्तारण में अपेक्षित रुचि नहीं ली जा रही है तथा अधिवक्ताओं और आम जनता की शिकायतों का प्रभावी समाधान नहीं हो रहा है। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में साफ-सफाई, सीसीटीवी व्यवस्था, प्राइवेट मुंशियों की सक्रियता तथा राजस्व मामलों के निस्तारण को लेकर भी सवाल उठाए।
अधिवक्ताओं ने कुछ भूमि विवादों और ग्राम समाज की भूमि पर कथित अतिक्रमण संबंधी मामलों का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया। बैठक में वक्ताओं ने तहसील प्रशासन की कार्यशैली की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग भी उठाई।
बार एसोसिएशन की आम सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 23 जून 2026 से अधिवक्ता, स्टांप वेंडर, टाइपिस्ट तथा अन्य संबद्ध कर्मचारी कार्य से विरत रहेंगे। इसके साथ ही प्रतिदिन प्रदर्शन और नारेबाजी किए जाने का भी निर्णय लिया गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। बार एसोसिएशन ने प्रशासन से अधिवक्ताओं एवं आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की है।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से उपाध्यक्ष संसार खां, मंत्री बृजेश मिश्रा, दयानंद पांडे, अमरजीत सिंह, लल्लू तिवारी, शिवराज तिवारी, दिनेश कांत, राकेश मिश्रा, राजकिशोर पांडेय, महेंद्र प्रताप सिंह, रमेश पांडे, सहित दर्जनों अधिवक्ता शामिल रहे।
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