हल्द्वानी , 09 सितंबर । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर दलितों के अपमान और विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इतिहास को लेकर दलित समाज में सवाल उठते रहे हैं, वह कभी दलित सम्मान और अधिकारों की बात कर ही नहीं सकती।
हल्द्वानी में भाजपा की प्रदेश कार्य समिति की बैठक के द्वितीय सत्र में नितिन नवीन ने कांग्रेस पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दलितों का अपमान और विभाजनकारी राजनीति कर रही है। उन्हाेंने ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों से यह स्पष्ट है कि कांग्रेस देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक व सांस्कृतिक आस्था का सम्मान नहीं करती बल्कि सिर्फ राजनीति लाभ लेने के प्रयास कर रही है।
नवीन ने कहा कि उत्तराखंड में भाजपा का उद्देश्य केवल सरकार बनाना या सत्ता हासिल करना नहीं है, बल्कि अपनी विचारधारा के आधार पर प्रदेश को आगे ले जाना है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के कण-कण में भगवान शंकर का वास माना जाता है और इसकी आस्था का अपमान देश स्वीकार नहीं करेगा। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने माउंटबेटन को पत्र लिखकर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर को चुनाव में हराने की बात कही थी। कांग्रेस ने आंबेडकर और उनके परिवार के साथ कथित तौर पर सम्मान जनक व्यवहार नहीं किया। उन्होंने राजस्थान, कर्नाटक और केरल की विभिन्न घटनाओं का उल्लेख किया और कांग्रेस पर दलित समाज से जुड़े मामलों में दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के वाल्मीकि समाज का मुद्दा भी उठाया और दावा किया कि समुदाय के लोगों को लंबे समय तक समान अवसरों से वंचित रखा गया।
अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दलितों, वंचितों और कमजोर वर्गों के सम्मान और उनकी भागीदारी को बढ़ाने के लिए काम किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सामाजिक समरसता और सभी वर्गों को साथ लेकर विकास की राजनीति में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बीजेपी का मकसद सिर्फ सरकार बनाना या सत्ता हासिल करना नहीं है। बल्कि एक सही विचारधारा को आगे बढ़ना और उसकी कसौटी पर खड़ा उतरना है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियां भी कार्यकर्ताओं के समक्ष रखी और आह्वान किया कि प्रत्येक कार्यकर्ताओं से पार्टी की विचारधारा और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प ले।
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