संस्कृति संरक्षण और श्रमिक सम्मान का प्रतीक बना बोरे बासी

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धमतरी, 01 मई । अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर आज शुक्रवार को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति और श्रमिक सम्मान को केंद्र में रखते हुए जिला असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण कांग्रेस द्वारा बोरे बासी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला अध्यक्ष अविनाश मरोठे के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्थानीय परंपरा और श्रम के सम्मान का अनूठा संदेश दिया।

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने बोरे बासी का सामूहिक रूप से सेवन कर मेहनतकश मजदूरों और किसानों के परिश्रम, त्याग और सादगीपूर्ण जीवनशैली को सम्मानित किया। आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ी संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ समाज में श्रम के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना रहा। इस अवसर पर विधायक ओंकार साहू ने कहा कि हमारी संस्कृति ही हमारी असली पहचान है और बोरे बासी जैसे पारंपरिक व्यंजन हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल संस्कृति के संरक्षण में सहायक होते हैं, बल्कि समाज में श्रमिकों के प्रति सम्मान की भावना को भी बढ़ाते हैं। मजदूर दिवस पर इस कार्यक्रम में शामिल होकर श्रमिक वर्ग के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में पूर्व जिला अध्यक्ष मोहन लालवानी, पूर्व विधायक लेखराम साहू, जिला पंचायत सदस्य कविता बाबर, नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर, उपनेता प्रतिपक्ष सत्येंद्र विशु देवांगन, अंबिका सिन्हा, सूर्यप्रभा चेतियार, कन्हैया सोनी, ऋषभ ठाकुर, आशुतोष खरे, आकाश गोलछा, तोगेश साहू, सूरज पासवान, नमन बंजारे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर बोरे बासी का आनंद लेते हुए श्रमिकों के प्रति सम्मान प्रकट किया।