साइबर सेल म्यूल अकाउंट नेटवर्क का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार

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जोधपुर, 17 अप्रैल । जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर थाने ने म्यूल अकाउंट नेटवर्क का बड़ा भंडाफोड़ किया है। कमीशन के लालच में साइबर ठगों को अपने बैंक खाते किराए पर देने वाले चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साइबर ठगों के देश के आठ अलग-अलग राज्यों में करीब 70 लाख रुपए की ठगी की रकम इन आरोपियों के खातों में आई थी।

एडीसीपी (साइबर सेल) धन्नाराम ने बताया कि पुलिस ने बलदेव नगर दुर्गादास कॉलोनी निवासी फरदीन खान, मधुबन हाउसिंग बोर्ड बासनी प्रथम फेज निवासी हिमांशु यादव, कागा कॉलोनी हरिजन बस्ती निवासी देव कंडारा और किला रोड हरिजन बस्ती निवासी रोहित पंडित को गिरफ्तार किया है। इस नेटवर्क का तरीका बेहद शातिर है। असली साइबर ठग मुख्य रूप से मजदूर या निम्न आय वर्ग के युवकों को निशाना बनाते हैं। वे इन युवकों को 15 से 20 हजार रुपए के कमीशन का झांसा देते और बदले में इनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंक पासबुक कब्जे में ले लेते। जैसे ही किसी पीडि़त के साथ साइबर ठगी होती, वह रकम सबसे पहले इन्हीं किराये के खातों में आती। रुपए आते ही मास्टरमाइंड ठग अपने पास मौजूद एटीएम और सिम के जरिए तुरंत रकम निकाल लेते। खुद को सुरक्षित रखने के लिए ये ठग इन खाताधारकों को अपना फर्जी नाम और गलत मोबाइल नंबर बताते।

अकाउंट में आए ठगी के 70 लाख रुपए

साइबर पुलिस की टीम ने जब इन म्यूल अकाउंट धारकों को पकड़ कर सख्ती से पूछताछ की तो 70 लाख रुपए के लेन-देन का हिसाब सामने आया। पता चला कि फरदीन खान ने अपने दो खातों को साइबर ठगी में उपयोग के लिए दिया था। इन दोनों खातों में कुल 33 लाख रुपए ठगी की रकम आई। इसी तरह हिमांशु यादव के खाते में 19 लाख रुपए आए। वहीं देव कंडारा के खाते में 14.50 लाख रुपए का लेन-देन हुआ। पुलिस की पूछताछ में देव कंडारा ने खुलासा किया कि उसने अपना खाता रोहित पंडित को भी दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि इन चारों आरोपियों के खाते ठगी की फस्र्ट लेयर के रूप में इस्तेमाल हुए थे। इनके खिलाफ तमिलनाडु, तेलंगाना, दिल्ली, गोवा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और केरल सहित 8 राज्यों में कुल 15 शिकायतें दर्ज हैं। साइबर पुलिस थाने में इस संगठित अपराध को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है।