चक्रवात ‘मुरासु’ ने तटीय आंध्र प्रदेश में तबाही मचाई, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री नायडू से बात की

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अमरावती (आंध्र प्रदेश)/नई दिल्ली , 03 नवंबर । भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ ने तटीय आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। आज सुबह जब चक्रवात तट से टकराया तो हजारों पेड़ उखड़ गए। बिजली के सैकड़ों खंभे क्षतिग्रस्त हो गए और मछली पकड़ने वाली नावें नष्ट हो गईं। केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को फोन किया और चक्रवात ‘मुरासु’ के असर, इससे हुए नुकसान और राज्य सरकार के राहत कार्यों के बारे में जानकारी ली।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में लोग सड़कों पर न निकलें। साथ ही, उन्होंने जान-माल के नुकसान को रोकने और संपत्ति के नुकसान को कम करने के लिए सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाने को कहा है। इस समय पुलिसकर्मी सड़कों पर गश्त कर रहे हैं और लोगों से चक्रवात ‘मुरासु’ को देखते हुए घरों के अंदर ही रहने की अपील कर रहे हैं।

बापटला और प्रकाशम सहित कई जिलों में भारी बारिश हुई है। इससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा और कई इलाके पानी में डूब गए। एक टेलीकॉन्फ्रेंस के दौरानमुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बिजली के खंभों और सब-स्टेशनों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उधर, प्रकाशम जिले के ओंगोल में ‘मुरासु’ चक्रवात के कारण हुई भारी बारिश और तेज हवाओं से कई कच्चे घर ढह गए और वहां रहने वाले लोग फंस गए। जिला प्रशासन ने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू कर दिया है। ओंगोल में प्रकाशम जिला कलेक्ट्रेट परिसर में ‘आंध्र केसरी’ तंगुतुरी प्रकाशम पंतुलु की प्रतिमा पर भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण एक बड़ा पेड़ गिर गया, जिससे प्रतिमा टूट गई।

इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से बातचीत की है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीयमंत्री को पूर्व के चक्रवात ‘अर्नब’ और ‘मुरासु’ से पैदा हुई स्थिति के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में फसलों और संपत्ति को हुए नुकसान का विस्तृत ब्योरा दिया। उन्होंने नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र से टीम भेजने के लिए मोदी सरकार का आभार जताया। नायडू ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राज्य को इन आपदाओं से उबरने में मदद के लिए जरूरी सहायता प्रदान की जाए।