किया था और बाद में उनकी मौत हो गई थी।
पदयात्रा
के दौरान थारचिन तिब्बत के राजनीतिक अधिकारों के साथ वहां की भाषा, संस्कृति और पर्यावरण
से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। उनका कहना है कि तिब्बत से जुड़े मुद्दों का असर हिमालयी
क्षेत्र और भारत की सुरक्षा पर भी पड़ता है। उन्होंने भारत सरकार, विभिन्न देशों की
सरकारों, संगठनों और आम लोगों से इन विषयों पर ध्यान देने की अपील की है। विधायक निखिल
मदान की ओर से सोनीपत पहुंचने पर पदयात्री का स्वागत किया गया और उनकी मांग के समर्थन
की बात कही गई।