सूरजपुर, 15 अप्रैल । सूरजपुर जिले में देश की पहली डिजिटल जनगणना को लेकर तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को फील्ड ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि एक मई से मोबाइल ऐप के माध्यम से घर-घर जाकर डेटा संग्रह शुरू होगा।
जिला कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी एस. जयवर्धन के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में जनगणना कार्य से जुड़े प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण 13 अप्रैल से जारी है। फील्ड ट्रेनरों द्वारा उन्हें चरणबद्ध तरीके से कार्य की बारीकियां समझाई जा रही हैं।
यह जनगणना स्वतंत्र भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें प्रगणक मोबाइल एप के माध्यम से घर-घर जाकर डेटा संग्रह करेंगे। यह प्रक्रिया एक मई से 30 मई तक चलेगी। इसके साथ ही आम नागरिकों को स्वगणना की सुविधा भी दी गई है, जिसके तहत वे अपने परिवार की जानकारी स्वयं वेब पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। स्वगणना पोर्टल 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक खुला रहेगा।
जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी, जिसमें 33 बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसमें परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं एवं संपत्तियों से संबंधित विवरण शामिल रहेगा। दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना की जाएगी।
प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों को उनके दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। उन्हें मकान सूचीकरण एप का इंस्टॉलेशन, लॉगिन प्रक्रिया तथा एप में पूछे जाने वाले प्रश्नों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही भवन, जनगणना मकान और परिवार (सामान्य एवं संस्थागत) जैसी अवधारणाओं को उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया जा रहा है।
प्रगणकों को अपने क्षेत्र का नजरी नक्शा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि पर्यवेक्षकों को प्रगणकों के कार्य का निरीक्षण और स्थल सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।