नई दिल्ली, 03 सितंबर । दिल्ली उच्च न्यायालय ने क्षत्रिय करणी सेना की 6 सितंबर को जंतर-मंतर पर आरक्षण और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के खिलाफ प्रदर्शन करने की इजाजत मांगने वाली याचिका पर कोई आदेश जारी करने से इनकार कर दिया है। जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने कहा कि करणी सेना से कहा कि वे 6 सितंबर के बजाय दूसरी तिथि पर प्रदर्शन करने पर विचार करें। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी।
उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता से कहा कि आप प्रदर्शन की तिथि बदल लीजिए। छह सितंबर की तिथि में खास क्या है। कोर्ट ने कहा कि अगर आप तारीख बदलते हैं, तो वो दिल्ली पुलिस को सुने बिना प्रदर्शन की अनुमति देगी। तब करणी सेना की ओर से पेश वकील ने कहा कि वो इसके पहले भी एक बार डेट बदल चुके हैं और ये उनकी दूसरी डेट है। करणी सेना ने कहा कि उनकी ये पदयात्रा है, जो जंतर-मंतर पर समाप्त होगी। तब कोर्ट ने कहा कि दिल्ली पुलिस का पक्ष जानने के बाद ही इस पर विचार किया जायेगा।
करणी सेना के प्रमुख राज शेखावत ने दायर याचिका में यूजीसी के नियमों के खिलाफ प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। इसके लिए दिल्ली पुलिस को 27 अगस्त को पत्र लिखकर कहा गया था कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। 28 अगस्त को दिल्ली पुलिस ने उनकी अर्जी ये कहते हुए नामंजूर कर दी थी कि ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारी चल रही है। करणी सेना ने दिल्ली पुलिस के इसी आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।