शिमला में एक माह में 54 बीघा भांग की खेती नष्ट, इस साल 526 आरोपित गिरफ्तार

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शिमला, 29 सितंबर । शिमला जिले में नशे के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पिछले एक माह में 54 बीघा भूमि पर उगाई गई भांग की खेती नष्ट की गई है। वहीं, इस साल अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज 263 मामलों में 526 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। जिले में इस अवधि में नशे से जुड़ी कार्रवाई के दौरान 9 किलो 986 ग्राम चिट्टा भी जब्त किया गया है।

जिला स्तरीय नारकोटिक्स कोआर्डिनेशन कमेटी की मंगलवार को उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में हुई बैठक में ये आंकड़े सामने आए। बैठक में नशीले पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग की रोकथाम, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की समीक्षा की गई। बताया गया कि सितंबर में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 35 मामले दर्ज किए गए और 45 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

बैठक में यह भी बताया गया कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत अब तक 68 आरोपितों की कुल 12 करोड़ 52 लाख 32 हजार रुपये की संपत्ति सीज की गई है। जिले की 15 पंचायतों को नशे की दृष्टि से संवेदनशील चिन्हित किया गया है। इन पंचायतों में वर्ष 2023, 2024 और 2025 के एनडीपीएस मामलों का विस्तृत आंकड़ा तैयार कर उसका विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर नशे की समस्या के कारणों और रोकथाम के लिए जरूरी कदम तय किए जाएंगे।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने अधिकारियों को नशे की तस्करी के संभावित स्रोतों, संवेदनशील क्षेत्रों और हॉटस्पॉट की पहचान कर निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ नशे की लत से प्रभावित लोगों के उपचार, परामर्श और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशा विरोधी प्रयास केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहने चाहिए और इनके ठोस परिणाम समाज में दिखाई देने चाहिए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि जिले में नशे के खिलाफ कार्रवाई जारी है और भांग की खेती नष्ट करने के अभियान में तेजी लाई गई है। उन्होंने नशे के कारोबार में संलिप्त आरोपितों के अतिक्रमण से जुड़े मामलों में सभी विभागों को मिलकर कार्रवाई करने तथा नशा मुक्ति केंद्रों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। पुलिस अधिकारियों को महीने में कम से कम दो बार नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।