गोरखपुर में ‘साई’ का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने की तैयारी

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गोरखपुर, 26 मई । गोरखपुर में स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (साई) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है। यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, रोइंग की अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ट्रेनिंग के लिए रामगढ़ताल के समीप वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खुलेगा। रोइंग स्पोर्ट्स के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले निर्देश के बाद खेल विभाग और वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का अनुरक्षण करने वाले गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने कमर कस ली है।

बीते तीन साल में रामगढ़ताल और वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रोइंग की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए पसंदीदा प्लेटफार्म के रूप में उभरा है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स सहित यहां रोइंग की चार राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक आयोजित हो चुकी हैं। इनमें से दो प्रतियोगिताओं के फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने और पुरस्कार वितरण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे थे। मुख्यमंत्री का मानना है कि वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बन जाने से रामगढ़ताल में वाटर स्पोर्ट्स का हब बनने की भरपूर संभवनाएं हैं।

रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के साथ मिलकर रामगढ़ताल व वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोइंग’ बनवाना चाहता है। रोइंग फेडरेशन आफ इंडिया के अध्यक्ष एम. बालाजी मरडप्पा का मानना है रोइंग स्पोर्ट्स में साई के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए गोरखपुर ‘फर्स्ट चॉइस’ है। बालाजी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामगढ़ताल का कायाकल्प कराने के साथ इसके समीप ही वर्ल्ड क्लास वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनवाकर उत्तर प्रदेश में रोइंग के क्षेत्र में संभावनाओं को काफी बढ़ावा दिया है।

रोइंग फेडरेशन आफ इंडिया और यूपी रोइंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पिछले दिनों रामगढ़ताल में आयोजित जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनवाने की चर्चा की थी। इसके बाद सीएम योगी के निर्देश पर खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, खेल विभाग के सचिव सुहास एलवाई, खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल और रोइंग फेडरेशन/एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का जायजा लेकर साई के सेंटर के लिए जरूरी मानकों की व्यवस्था करने पर मंथन किया था।

इस संबंध में जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल का कहना है कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए जितने भी स्पेस और जिन मानकों के अनुरूप जिम्नेजियम, कैफेटेरिया, डॉक्टर्स रूम, डॉरमेट्री आदि व्यवस्थाओं की आवश्यकता होगी, उसे पूरा करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रोइंग के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए जीडीए अपनी भूमिका का तत्परता से निर्वहन करने के लिए तैयार है।

क्या बदलाव आएगा साई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से

वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में साई की तरफ से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन जाने के बाद खिलाड़ियों को गोरखपुर में ही अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रतियोगिताओं की तैयारी होने लगेगी। यूपी रोइंग एसोसिएशन के सचिव सुधीर शर्मा के अनुसार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में साई की तरफ से प्रशिक्षकों (कोच) की तैनाती की जाती है। ये कोच प्रायः अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ी होते हैं जो नए खिलाड़ियों को खेल की बारीकियों को गहनता से सिखाते हैं।

यूं रोइंग का नेशनल प्लेटफार्म बन रहा रामगढ़ताल

– मई 2023 में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की रोइंग प्रतियोगिता।

-अक्टूबर 2024 में सब जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का आयोजन।

– एशियाड 2026 की तैयारी के लिए मार्च-अप्रैल माह में रोइंग की राष्ट्रीय महिला टीम के प्रशिक्षण शिविर का आयोजन।

– 12 मई से 16 मई तक अस्मिता नेशनल महिला रोइंग लीग।

-17 मई से 21 मई तक 46वें जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का आयोजन।