गुरुग्राम यातायात पुलिस के तीन जवानों को एनसीबी ने किया सम्मानित

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गुरुग्राम, 30 जून । नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) दिल्ली जोनल यूनिट ने मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े मामले की जांच में अहम भूमिका निभाने वाले गुरुग्राम यातायात पुलिस के तीन जवानों को सम्मानित किया है। तीनों जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। पुलिस उपायुक्त यातायात ने तीनों जवानों को खुद सम्मानित करते हुए उनकी कर्तव्यनिष्ठा और तकनीकी दक्षता की सराहना की।

मादक पदार्थों की तस्करी के केस सुझलाने में कामयाबी जीएमडीए के इंटीग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) में तैनात गुरुग्राम यातायात पुलिस की टीम की बदौलत मिली है।

एनसीबी दिल्ली को संदिग्ध वाहन की तकनीकी ट्रैकिंग और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण में टीम ने अहम सहयोग दिया। यातायात पुलिस की त्वरित और सटीक तकनीकी मदद से एनसीबी को जांच आगे बढ़ाने में बड़ी सफलता मिली। नशा तस्करों तक पहुंचने का रास्ता साफ हुआ। एनसीबी दिल्ली द्वारा जारी पत्र के अनुसार गुरुग्राम यातायात पुलिस के सिपाही नेतराम, सिपाही अमन और सिपाही अश्वनी को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रशस्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए हैं। तीनों जवान जीएमडीए के इंटीग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) में तैनात हैं। दिन-रात तकनीक के जरिए शहर की निगरानी करते हैं।

पुलिस उपायुक्त यातायात (डीसीपी) ने तीनों पुलिस कर्मियों को सम्मानित करते हुए कहा कि यह सम्मान पूरी गुरुग्राम पुलिस के लिए गर्व की बात है। हमारे जवानों ने दिखा दिया कि तकनीक और टीमवर्क से बड़े से बड़ा अपराध सुलझाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि गुरुग्राम यातायात पुलिस अब सिर्फ चालान काटने या ट्रैफिक संभालने तक सीमित नहीं है। आईसीसीसी जीएमडीए के जरिए पुलिस आधुनिक तकनीक से अपराध नियंत्रण में भी बड़ी भूमिका निभा रही है। डीसीपी ने कहा कि हम विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। चाहे नशा तस्करी हो या कोई संगीन अपराध, तकनीकी मदद से अपराधियों तक पहुंचना अब आसान हुआ है। उन्होंने तीनों जवानों की कर्तव्यनिष्ठा को सलाम किया।

पुलिस उपायुक्त ने भरोसा दिलाया कि गुरुग्राम यातायात पुलिस इसी समर्पण और पेशेवर दक्षता के साथ नागरिकों की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में अपना योगदान देती रहेगी। आईसीसीसी की टीम 24 घंटे शहर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखती है। हाई-टेक कैमरे और डेटा एनालिसिस से अब अपराधियों का बच पाना मुश्किल है। इस सम्मान से आईसीसीसी में तैनात अन्य पुलिसकर्मियों का हौसला भी बढ़ा है। गुरुग्राम पुलिस का यह कदम साबित करता है कि तकनीक और तालमेल से नशे के सौदागरों पर नकेल कसी जा सकती है।