राज्य सरकार बताए कि ई-सिगरेट बेचने वालों पर क्या कार्रवाई की-हाईकोर्ट

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जयपुर, 18 सितंबर । राजस्थान हाईकोर्ट ने रोक के बावजूद ई-सिगरेट की बिक्री होने को गंभीरता से लिया है। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार से बताने को कहा है कि जयपुर शहर में ई-सिगरेट के व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की। अदालत ने राज्य सरकार को गत 15 सितंबर तक की कार्रवाई का ब्यौरा पेश करने को कहा है। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश अधिवक्ता प्रियांशा गुप्ता की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।

जनहित याचिका में कहा गया कि केन्द्र सरकार ने साल 2019 में कानून लाकर ई-सिगरेट के निर्माण, आयात, बेचान और वितरण पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद प्रदेश में ई-सिगरेट आसानी से मिल रही है। कई जगह नाबालिग खुले आम इसका सेवन करते नजर आते हैं। जिससे साबित है कि राज्य सरकार कानून के क्रियान्वयन में फेल हो गई है। याचिका में गुहार की गई कि कानून की प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार को निर्देश दिए जाए। गौरतलब है कि गत सुनवाई पर हाईकोर्ट ने ई-सिगरेट पर पूर्ण पाबंदी की बात कही थी। वहीं इस संबंध में बनाए गए कानून के प्रावधानों को लागू करने के लिए मुख्य सचिव और डीजीपी को निर्देश दिए थे। अदालत ने डीजीपी को कहा था कि वे रेंज मुख्यालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले अफसरों की एक टीम बनाए जो कानून के प्रावधानों को पूरी तरह से लागू करने के लिए कदम उठाएंगे। वहीं मुख्य सचिव भी एक्ट के प्रावधानुसार हर जिला स्तर पर कलेक्टर या डिप्टी कलेक्टर स्तर के प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त करें।