नई दिल्ली, 10 अगस्त । दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को दिल्ली के आईटी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने ‘दिल्ली (नागरिकों का समय पर और आसानी से सेवाएं पाने का अधिकार) विधेयक, 2026’ विधानसभा में पेश किया। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य दिल्लीवासियों को सरकारी सेवाएं तय समय-सीमा में, पारदर्शी और बिना अनावश्यक भागदौड़ के उपलब्ध कराना है। यह विधेयक वर्ष 2011 के कानून का स्थान लेगा।
विधेयक के तहत प्रत्येक नागरिक को निर्धारित समय-सीमा में सरकारी सेवा प्राप्त करने का कानूनी अधिकार मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह अधिक डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्येक आवेदन को यूनिक एप्लीकेशन नंबर दिया जाएगा, जिससे नागरिक घर बैठे अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। निर्धारित समय में सेवा न मिलने पर आवेदन स्वतः वरिष्ठ अधिकारी के पास ऑटो-एस्केलेशन के माध्यम से पहुंच जाएगा।
उन्होंने बताया कि नए प्रावधानों के तहत बिना उचित कारण सेवा में देरी करने या गलत तरीके से आवेदन खारिज करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। संबंधित अधिकारी पर 250 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना, अधिकतम 5,000 रुपये तक लगाया जा सकेगा। गलत तरीके से आवेदन अस्वीकार करने पर भी 250 रुपये से 5,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है और यह राशि संबंधित अधिकारी और जमाने के तौर पर लगेगा। कार्रवाई से पहले अधिकारी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
विधेयक के तहत प्रथम स्तर पर शिकायत का निवारण संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा अधिकतम 30 दिनों में किया जाएगा। इसके बाद नागरिक दिल्ली राइट टू सर्विस कमीशन में दूसरी अपील कर सकेगा। प्रस्तावित कमीशन को सरकारी कार्यालयों के निरीक्षण, रिकॉर्ड की जांच, समन जारी करने और लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की सिफारिश करने जैसी शक्तियां दी जाएंगी।
यह कानून पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में लागू होगा और दिल्ली सरकार के नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ दिल्ली नगर निगम, नई दिल्ली पालिक परिषद, दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली विकास प्राधिकरण सहित अधिसूचित स्थानीय निकायों एवं संस्थाओं की निर्धारित सेवाओं पर लागू होगा।
दिल्ली की आईटी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य ऐसी सरल और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें नागरिकों को सरकारी एवं ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। समयबद्ध सेवा, ऑनलाइन आवेदन एवं ट्रैकिंग, ऑटो-एस्केलेशन तथा अधिकारियों की स्पष्ट जवाबदेही के माध्यम से यह विधेयक नागरिकों के अधिकारों को मजबूत करने के साथ-साथ दिल्ली में पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित शासन व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा।