पूर्वी सिंहभूम, 19 सितंबर । जिले में सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही मौतों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त राजीव रंजन ने शनिवार को समाहरणालय सभागार में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। अगस्त महीने में जिले में हुई 34 सड़क दुर्घटनाओं में 22 लोगों की मौत और 26 लोगों के घायल हो गए। इन दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए उपायुक्त ठोस और प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया।
बैठक में दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा के दौरान सामने आया कि हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना, गलत दिशा में वाहन चलाना और यातायात नियमों का उल्लंघन हादसों के प्रमुख कारण हैं। उपायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की नियमित निगरानी, यातायात नियमों का सख्ती से पालन और लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए सात चिन्हित स्थानों पर स्पीड गन कैमरे लगाए जाएंगे। एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने बताया कि अगले दो माह में इन स्थानों पर कैमरे स्थापित कर गति सीमा की निगरानी शुरू कर दी जाएगी। उपायुक्त ने शहरी क्षेत्रों में अवैध पार्किंग के खिलाफ नियमित अभियान चलाने का निर्देश यातायात पुलिस को दिया।
मानगो बस स्टैंड में लंबे समय से खराब पड़े बसों और अन्य वाहनों को हटाने का निर्देश भी दिया गया। इसके अलावा प्रमुख चौक-चौराहों पर ऑटो के लिए निर्धारित पिक एंड ड्रॉप प्वाइंट बनाने, ऑटो चालकों के परमिट और जरूरी दस्तावेजों की जांच करने को कहा गया।
प्रवर्तन कार्रवाई के तहत अब तक 121 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और यातायात नियमों के उल्लंघन पर 05 लाख 96 हजार 500 रुपये जुर्माना वसूला गया है। उपायुक्त ने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करते हुए सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए लगातार कार्रवाई करें।
बैठक में एसएसपी डॉ ऐहतेशाम वकारिब, डीडीसी नागेन्द्र पासवान, एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, एडीसी अनुराग तिवारी सहित एनएचएआई, आरसीडी, जुस्को और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।