उत्तर प्रदेश संघ पर मनमानी का लगाया आरोप

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पूर्वी सिंहभूम, 05 जुलाई ।

गोलमुरी स्थित क्वुस्ट रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश संघ के संस्थापक सचिव प्रो. डी.पी. शुक्ला ने संघ एवं मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल के संचालन को लेकर वर्तमान नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश संघ की स्थापना वर्ष 1954 में स्वर्गीय महावीर सिंह के प्रयासों से हुई थी। बाद में ट्रस्ट का गठन कर टाटा स्टील से लीज पर भूमि ली गई और वरिष्ठ समाजसेवियों के सहयोग से मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल की स्थापना की गई।

प्रो. शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2020 में कार्यकारिणी के निर्णय के अनुसार गौरी गांव में ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से भूमि खरीदी गई। भूमि की रजिस्ट्री और म्यूटेशन के बाद बाउंड्री निर्माण का अधिकांश कार्य भी पूरा हुआ, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश दुबे और लल्लन राय ने विकास कार्यों में लगातार बाधाएं उत्पन्न कीं।

उनका कहना था कि वर्तमान नेतृत्व विकास के बजाय संस्था को नुकसान पहुंचा रहा है तथा अध्यक्ष संविधान के विपरीत सचिव के अधिकारों का भी प्रयोग कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश संघ के संविधान की अनदेखी करते हुए मनमाने ढंग से समितियों का गठन किया गया और निष्पक्ष जांच के बजाय पक्षपातपूर्ण कार्रवाई कर उन्हें, मैनेजिंग ट्रस्टी विजय सिंह राणा और देवेश अवस्थी को निष्कासित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर में बाउंसर तैनात कर आजीवन सदस्यों के प्रवेश पर रोक लगाई जा रही है।

प्रो. शुक्ला ने वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि सचिव के हस्ताक्षर के बिना लगभग दो करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जो संघ के संविधान और वित्तीय नियमों का उल्लंघन है।

उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुका है।

इसलिए उसके बाद लिए गए सभी निर्णय निरस्त कर सरकार की निगरानी में उत्तर प्रदेश संघ का निष्पक्ष चुनाव कराया जाना चाहिए। प्रेस वार्ता में विजय सिंह राणा, देवेश अवस्थी, अनिल कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।