पलामू, 19 जून । जिले के स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने शुक्रवार को सिविल सर्जन कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों ने05 महीने के बकाया वेतन और स्थायीकरण की मांग को लेकर आन्दोलन चलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वेतन भुगतान न होने की वजह से जामताड़ा की बीमार एएनएम रेखा कुमारी की मौत हो गयी। इस घटना को लेकर आक्रोश देखा गया।
झारखंड अराजपत्रित कर्मचारी संघ के बैनर तले आयोजित धरना में दर्जनों नर्सें, सफाईकर्मी और अन्य स्टाफ शामिल हुए। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले पांच महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त, उन्हें उन छुट्टियों और अवकाशों से भी वंचित रखा जा रहा है, जिनका लाभ अन्य नियमित कर्मचारियों को मिलता है।
संघ की नेता दिव्या भगत ने धरना को संबोधित करते हुए कहा, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और हैरान करने वाला है कि जिन कर्मचारियों के बिना स्वास्थ्य विभाग के सुचारू रूप से चलने की कल्पना तक नहीं की जा सकती, उन्हें अपने ही मेहनत के पैसे मांगने के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को पहले से ही बहुत मामूली वेतन दिया जाता है और इन्हें रोजगार से जुड़ा कोई अन्य लाभ भी नहीं मिलता है, जो सरासर अन्याय है।
संघ ने प्रशासन के समक्ष सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के 05 महीने के बकाया वेतन का तत्काल प्रभाव से भुगतान, जो कर्मचारी पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें तत्काल स्थायी करने, प्रत्येक कर्मचारी को उनके जीवन निर्वाह के लिए एक न्यूनतम मजदूरी देने सहिम अन्य मांगे की।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द से जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तेज करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की होगी।
धरना प्रदर्शन में एएनएम ममता लकड़ा, अनीता पाल, प्रीति मिंज, सदर सफाई कर्मचारी पवित्री देवी, सुनीता देवी, सुनैना देवी, बिश्रामपुर एम्बुलेंस ड्राइबरकर्मी सौदागर बैठा, हुसैनाबाद एम्बुलेंस कर्मी अनिल सिंह, झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के सचिव देवनाथ, मुकेश, भाकपा माले राज्य कमेटी सदस्य अविनाश रंजन, महामाया सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे।